फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

क्यों गोरखनाथ मंदिर में एक दिन बाद मनेगा मकरसंक्रांति का पर्व? क्या कहते हैं मुख्य पुजारी

Wed, 15 Jan 2020 07:33 AM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: विजय जैन Updated Wed, 15 Jan 2020 07:33 AM IST
विज्ञापन
makar sankranti festival will celebrate 15 january on gorakhnath temple, know the real reason
gorakhnath temple - फोटो : अमर उजाला
मकर संक्रांति का पर्व परंपरागत रूप से श्रद्धालओं ने 14 जनवरी को मनाया। गोरखनाथ मंदिर में दूरदराज से श्रद्धालु आए, इस लिहाज से 13 जनवरी को ही उनके ठहरने के लिए परिसर में व्यवस्था की गई थी। गोरखनाथ मंदिर में मकरसंक्रांति का पर्व निर्विवाद रूप से 15 जनवरी को मनाया जा रहा है। मंदिर में खिचड़ी मेला शुरू हो चुका है। मंदिर के मुख्य पुजारी कमलनाथ ने इसे एक दिन बाद मनाने की वजह बताई।
makar sankranti festival will celebrate 15 january on gorakhnath temple, know the real reason
gorakhnath temple - फोटो : अमर उजाला
गोरखनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी कमलनाथ के अनुसार इस साल शुभ संवत2076 शाके 1941 सूर्य उत्तरायण ऋतै माघ मास कृष्ण पक्ष पंचमी तिथि बुधवार को प्रात: 8.24 पर सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इसकी वजह से संक्रांति का पूर्ण काल रात्रि 2.48 बजे से प्रारंभ होकर सायं काल सूर्यास्त तक रहेगा। इस नाते मकरसंक्रांति का पर्व 15 को मनाया जाएगा।
makar sankranti festival will celebrate 15 january on gorakhnath temple, know the real reason
एसएसपी ने निर्देश दिए। - फोटो : अमर उजाला
कमलनाथ ने बताया कि धनु राशि से मकर राशि में संक्रमण ही मकरसंक्रांति कहलाता है। भगवान सूर्य इसी तिथि को उत्तरायण में प्रवेश करते हैं। इसलिए हर प्रकार के मांगलिक और पुण्य कार्य इस तिथि से होने शुरू हो जाते हैं। मकरसंक्रांति के दिन स्नान, दान का महत्व शास्त्रों में विशेष रूप से वर्णित है। इस त्योहार को अलग-अलग प्रांतों में विभिन्न नामों से जाना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
makar sankranti festival will celebrate 15 january on gorakhnath temple, know the real reason
गोरखनाथ मंदिर में बुधवार को फरियादियों की लंबी लाइन लगी रही। - फोटो : amar ujala
कमल नाथ ने ये भी बताया कि गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के लिए देश के अलग-अलग प्रांतों के अलावा नेपाल से भी लोग भारी संख्या में बाबा को खिचड़ी चढ़ाने आते हैं। बताया कि लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ख्याल रखते हुए पूरी तैयारी की गई है। मंदिर में जगह-जगह अलावा की व्यवस्था रहेगी। बिजली की आपूर्ति मंदिर में 24 घंटे रहेगी।
विज्ञापन
makar sankranti festival will celebrate 15 january on gorakhnath temple, know the real reason
मुख्यमंत्री के समक्ष फरियाद लेकर गोरखनाथ मंदिर पहुंचे लोग। - फोटो : Amar Ujala
गुरु गोरखनाथ में 24 घंटे बिजली बहाल रखने के लिए कई जनरेटर भी रखे गए हैं। मंदिर और मेला परिसर की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जगह-जगह सीसी टीवी कैमरे लगाए गए हैं। मकरसंक्रांति के बाद 28 को बुढ़वा मंगल मनाया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि खिचड़ी चढ़ाने के लिए पॉलिथीन में न लाएं, क्यों कि मेला क्षेत्र पॉलिथीन मुक्त घोषित किया गया है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed