खुशखबर: एम्स में आज से शुरू होगी बड़ी सर्जरी, जानिए किन बिमारियों का होगा ऑपरेशन
गोरखपुर एम्स में शुरुआत में सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, नाक-कान-गला रोग, हड्डी, दंत व चर्म रोग विभाग का ही ओटी संचालित की जाएगी। इसके अलावा संबंधित डॉक्टरों की तैनाती के बाद अन्य विभागों के ओटी शुरू की जाएगी।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज कराने वालों के लिए राहत भरी खबर है। बुधवार से डे-केयर सर्जरी के अलावा बड़ी सर्जरी भी शुरू हो गई है। इनमें स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, नाक, कान, गला और हड्डी, दांत और चर्म रोग जैसे विभाग शामिल हैं। अब तक इन विभागों की सर्जरी की सुविधा एम्स में नहीं शुरू की गई थी।
बताया जा रहा है कि एम्स में कुल 16 ऑपरेशन थियेटर (ओटी) तैयार किए गए थे। इनमें केवल दो ओटी अब तक चल रहे थे। इनमें डे-केयर सर्जरी होती थी। डे-केयर सर्जरी में हर्निया, हाइड्रोसील और छोटे चीरे वाले ऑपरेशन शामिल थे। अब 14 स्टरलाइज ऑपरेशन थियेटर पूरी तरह से बन गए हैं तो अन्य विभागों की सर्जरी शुरू करने का फैसला लिया गया है।
एम्स के मीडिया प्रभारी डॉ. शशांक शेखर ने बताया कि स्टरलाइज रूम 14 आपरेशन थियेटर बनकर तैयार हो चुके हैं। इनका उद्घाटन बुधवार सुबह 11 बजे कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर करेंगी। शुरुआत में सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, नाक-कान-गला रोग, हड्डी, दंत व चर्म रोग विभाग का ही ओटी संचालित की जाएगी। इसके अलावा संबंधित डॉक्टरों की तैनाती के बाद अन्य विभागों के ओटी शुरू की जाएगी।
बीआरडी में बनेगा ब्लड एवं ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक का विभाग अलग बनेगा। इसके लिए कॉलेज प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव के तहत मेडिकल कॉलेज में ब्लड एवं ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन की स्थापना की मांग की गई है। यह विभाग पैथालॉजी से अलग रहेगा। इसमें शिक्षकों के तीन पद सृजित होंगे। साथ ही विभाग में पीजी की पढ़ाई हो सकेगी। जरूरत के मुताबिक शिक्षकों के पद घटाए-बढ़ाए जा सकेंगे। इस पहल के बाद से बीआरडी में ब्लड बैंक में बहुत सारे शोध कार्य भी शुरू हो सकेंगे।
ब्लड बैंक के इंचार्ज और बीआरडी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध नेहरू अस्पताल के एसआईसी डॉ. राजेश राय ने बताया कि यह पहल सरकार की तरफ से खुद की गई है। बताया कि ब्लड-बैंक अब केवल खून लेने-देने तक सीमित नहीं रह गया है। यह विभाग मरीजों की इलाज में भी अपनी सहभागिता दर्ज करा रहा है। आए दिन नई बीमारियां सामने आ रही हैं, जिस पर शोध भी चल रहे हैं।
पुराने ब्लड बैंक का नाम शासन ने बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत अब नए नाम में ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन जुड़ जाएगा, जो अलग विभाग होगा। इसी माह के अंत तक या फिर अगले माह के पहले सप्ताह में शासन इस पर मुहर लगा सकता है।