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Mahesh Navami 2021: जानिए कब मनाई जाएगी महेश नवमी, ये है समय और व्रत विधि
Fri, 18 Jun 2021 04:30 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 18 Jun 2021 04:30 PM IST
सार
महेश नवमी के पावन अवसर पर भगवन शिव तथा माता पार्वती की पूजा-आराधना की जाती है। इस साल महेश नवमी 19 जून 2021 को मनाई जाएगी।
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भगवान शंकर। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Social Media
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विस्तार
महेश नवमी का पर्व 19 जून दिन शनिवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास की नवमी तिथि को महेश नवमी मनाई जाती है। वैसे तो इस पर्व को कोई भी मना सकता है, लेकिन माहेश्वरी समाज के लिए इस पर्व का विशेष महत्व है। मान्यता है कि माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति भगवान शिव के वरदान से ही हुई थी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
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महेश नवमी की पूजा विधि
पंडित बृजेश पांडेय ने बताया कि महेश नवमी के दिन सुबह स्नानादि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान शिव का जलाभिषेक करें। जलाभिषेक के बाद भोलेनाथ को बेलपत्र, भांग, धतूरा, पुष्प आदि अर्पित करें। शिव मंत्र के जप के साथ ही शिव चालीसा का पाठ करें।
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महेश नवमी व्रत कथा
पंडित अरविंद गिरि ने बताया कि माहेश्वरी समाज के पूर्वज क्षत्रिय वंश के थे। एक बार शिकार के दौरान उन्हें ऋषियों ने श्राप दे दिया। तब इस दिन भगवान शिव ने उन्हें श्राप से मुक्त कर उनके पूर्वजों की रक्षा की। इसके साथ ही उन्हें हिंसा छोड़कर अहिंसा का मार्ग बताया। महादेव ने अपनी कृपा से इस समाज को माहेश्वरी नाम दिया।
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