महराजगंज: नौ आयुर्वेदिक अस्पतालों में विकसित होंगे हर्बल गार्डेन, लगाए जाएंगे आकर्षिक करने वाले औषधीय पौधे
आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी राघवेंद्र मिश्रा ने बताया कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में हर्बल गार्डेन का विकास किया जाएगा। इससे न सिर्फ सेंटर की खूबसूरती बढ़ेगी, बल्कि यह मरीजों व उनके साथ आने वाले लोगों के बेहतर ज्ञान का माध्यम भी बनेगा।
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महराजगंज जिले के नौ आयुर्वेदिक अस्पतालों में हर्बल गार्डेन भी विकसित किए जाएंगे। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में चयनित इन अस्पतालों में आने वालों को बेहतर इलाज मिलने के साथ ही एक ऐसा माहौल मिलेगा, जिससे वे औषधीय पौधों की उपयोगिता को समझ सकें और उनकी मदद से अपने को सेहतमंद रखने के बारे में भी जानकारी बढ़ा सकें।
जिले में निजी भवन में चलने वाले रामपुर बल्डीहा, ठूठीबारी, बैठवलिया, नरकटहा, सोहगीबरवा, सेवतरी, अड्डा बाजार, मिठौरा व सोनौली के अस्पताल को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में चयनित किया गया है। यहां आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार के साथ ही अच्छा प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए हर्बल गार्डेन को विकसित किया जाएगा।
इसके तहत परिसर में विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधे लगाए जाएंगे तथा आमजन को उसके बारे में जानकारी देने से संबंधित विवरण को प्रदर्शित किया जाएगा। जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी राघवेंद्र मिश्रा ने बताया कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में हर्बल गार्डेन का विकास किया जाएगा। इससे न सिर्फ सेंटर की खूबसूरती बढ़ेगी, बल्कि यह मरीजों व उनके साथ आने वाले लोगों के बेहतर ज्ञान का माध्यम भी बनेगा।
हर्बल गार्डेन में इन पौधों की होगी उपलब्धता
हर्बल गार्डेन में तुलसी, नीम, एलोवेरा, गिलोय, सहजन, पाताल, कुई, अदरक, हल्दी, कालमेघ के साथ लगभग 20 प्रजाति के पौधे रोपित किए जाएंगे।
प्रत्येक गार्डेन पर व्यय होंगे 20 हजार
जिले के सभी नौ आयुर्वेदिक अस्पतालों में हर्बल गार्डेन को विकसित करने पर कुल 1.80 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे। प्रत्येक गार्डेन को 20 हजार रुपये की लागत से आकर्षक बनाया जाएगा।