मच्छर- माफिया नहीं स्मार्ट सिटी पहचान: बुआ-बबुआ की सरकार में थी माफियागिरी, योगी बोले- बदहाली थी शहर की पहचान
सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर की पहचान अब मच्छर और माफिया नहीं है। यह शहर सेफ और स्मार्ट सिटी के लिए जाना जा रहा है। यहां चौड़ी सड़कें है। जाम से निजात मिल चुकी है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर की पहचान अब मच्छर और माफिया नहीं है। यह शहर सेफ और स्मार्ट सिटी के लिए जाना जा रहा है। यहां चौड़ी सड़कें है। जाम से निजात मिल चुकी है। ओवरब्रिज बनवाए जा रहे हैं। तरकुलानी में अधिक क्षमता का पंपिंग स्टेशन बनने से 72 घंटे लगातार बारिश होगी, तो भी शहर में कहीं एक इंच पानी नही लगेगा। केंद्र, प्रदेश व नगर निगम में समान विचारधारा की सरकार के एक साथ कार्य करने से गोरखपुर में अभूतपूर्व विकास हुआ, सुरक्षा का वातावरण बना और पूरे देश के भीतर लोगों की धारणा भी बदली है। इस पहचान को और आगे ले जाने के लिए यहां फिर ट्रिपल इंजन की सरकार का होना जरूरी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार की शाम नगर निगम चुनाव को लेकर टाउनहॉल पर भाजपा के मेयर व पार्षद पद के प्रत्याशियों के पक्ष में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कभी माफियागिरी और बदहाली ही गोरखपुर की पहचान बन गई थी। चाहे भाई-बहन की सरकार हो या फिर बुआ-बबुआ की सबने इसे इसी हाल पर छोड़ रखा था। अपराध चरम पर था, जाम और गंदगी की समस्या थी, तीन-चार घंटे ही बिजली मिलती थी। जबकि, आज रंगदारी मांगने वाले गले में तख्ती लटकाकर जान की भीख मांगते हैं। व्यापारियों को 10 लाख का बीमा मिल रहा है। स्ट्रीट वेंडर्स को पीएम स्वनिधि योजना का लाभ दिया जा रहा है।
इस मौके पर प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजय निषाद ने कहा कि निषाद पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता भाजपा के साथ है और समूचे निषाद समाज का वोट भाजपा प्रत्याशियों को दिलाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि मछुआरा समाज को सम्मान व अधिकार दिलाने का काम सिर्फ मोदी-योगी सरकार ने किया है।