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नेपाली भूमि पर चीन का फिर कब्जा, मधेशी नेताओं ने जताया आक्रोश

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 20 Sep 2020 03:12 PM IST
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indo-nepal border - फोटो : अमर उजाला।
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चीन की विस्तारवादी नीति नेपाल में अनियंत्रित होती जा रही है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के मौन समर्थन के साथ चीन कई स्थानों पर धीरे-धीरे नेपाली भूमि पर अतिक्रमण कर रहा है। जिसको लेकर नेपाल का मधेशी समुदाय काफी आक्रोशित है।



रूपनदेही जिले के मदेशी नेता और रापपा जिलाध्यक्ष अजय वर्मा ने नेपाल सरकार पर आरोप लगाते हुए बताया कि चीन ने नेपाली भूमि पर अतिक्रमण करके इमारत का निर्माण किया है। हिमाल के पश्चिमी क्षेत्र हुमला के नमखा नगर पालिका के वार्ड नंबर 6 के हिमालिपरी में लिम्चा क्षेत्र में चीन द्वारा भवन का निर्माण किया है। 


चीन ने एकतरफा रूप से नेपाली भूमि पर भवन का निर्माण पूरा कर लिया है। अब एक नया मामला सामने आया है। जिसमें नेपाल सरकार चुप्पी साध रखी है। पड़ोसियों के साथ एक जैसा व्यवहार होना चाहिए चाहे वह भारत हो या चीन।

उन्होंने कहा कि वहां पर नेपाली नागरिकों के जाने पर रोक लगा दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री चीन द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण से चुप क्यों हैं? इसके पहले भी नेपाल कृषि मंत्रालय के सर्वेक्षण टीम ने चीन पर सात सीमावर्ती जिलों में कई स्थानों पर नेपाल की भूमि पर अवैध कब्जे की जानकारी सरकार को दी थी।

उन्होंने कहा कि चीन तेजी से आगे बढ़ रहा है और अधिक से अधिक भूमि का अतिक्रमण कर नेपाली सीमाओं पर कब्जा कर रहा है। आने वाला समय ज्यादा बदतर हो सकती है क्योंकि नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के विस्तारवादी एजेंडे पर चुप्पी साधे बैठी है।
 

इस क्षेत्र पर भी है विवाद

नेपाल के दोलखा, गोरखा, दार्चुला, हुमला, सिधुपालचौक, संखुआसभा और रसूवा जिले चीन की विस्तारवादी नीति का शिकार बने हैं। नेपाल के सर्वेक्षण और मानचित्रण विभाग के मुताबिक, चीन दोलखा स्थित अंतर्राष्ट्रीय सीमा का 1.5 किमी मीटर हिस्सा हड़प चुका है।

उसने कोरलांग क्षेत्र के पिलर संख्या 57 पर भी अतिक्रमण किया है। दरअसल, यह वह इलाका है जिसकी सीमा को लेकर दोनों देशों के बीच पहले से तनाव चल रहा है और चीनी सरकार नेपाल पर इस सीमा विवाद को अपने हित में सुलझाने को लेकर पहले से दबाव बना रही थी।

पिलर 35, 37, 38 की जगह बदली और नेपाल के गांवों पर किया कब्जा
सर्वेक्षण विभाग के अनुसार चीन ने गोरखा और दार्चुला जिलों में नेपाली गांवों पर कब्जा कर लिया है। चीन ने गोरखा जिले की सीमा पर पिलर नंबर 35, 37, और 38 को एक जगह से हटाकर दूसरी जगह कर दिया है। वहीं नांपा भांज्यांग में पिलर 62 पर भी जमीन हड़प ली है। पहले 3 पिलर गोरखा के रुई गांव और टोम नदी के करीब थे।
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