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Gorakhpur News: सुसाइड से पहले वीडियो बनाया, बताया करने जा रहा सुसाइड
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के छात्र घनेंद्र चौधरी की खुदकुशी के मामले में कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। सुसाइड से पहले उसने अपने आईफोन पर वीडियो बनाने के साथ ही नोट भी लिखा है। इससे प्रथम दृष्टया कारण हताशा प्रतीत हो रहा है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि बुधवार को शाम चार बजे के आसपास घनेंद्र बाहर से हॉस्टल में पहुंचा था। इसके बाद हॉस्टल से नहीं निकला। इस समय उसकी परीक्षाएं भी चल रही हैं। पिछले महीने उसका रूम पार्टनर महादेव छात्रावास से चला गया था, जिसके बाद वह द्वितीय तल पर स्थित कक्ष संख्या 301 में अकेले ही रह रहा था। हॉस्टल का सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है। फुटेज में वह एक बार रात में करीब 9:30 बजे और दूसरी बार रात करीब 12:30 बजे कमरे से निकला था। उसने रात में डिनर भी नहीं किया था। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि उसने बुधवार सुबह नाश्ता किया था।
पुलिस की पूछताछ में छात्रावासियों ने बताया कि रात करीब 9:30 बजे घनेंद्र कमरे से बाहर निकला था, तब आईपीएल का क्रिकेट स्कोर पूछकर कमरे में चला गया था। सीसीटीवी फुटेज में रात 12:30 बजे वह कमरे से बाहर निकलकर टॉयलेट की तरफ जाते और फिर हाथ-मुंह धोकर निकलते दिख रहा है। माना जा रहा है कि उसके बाद ही उसने आत्महत्या की।
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पुलिस ने कमरा नंबर 301 में ताला लगा दिया है। देर रात तक घनेंद्र के परिजन गोरखपुर नहीं पहुंच सके थे। परिजनों की मौजूदगी में अब शुक्रवार को ही ताला खोला जाएगा। इस संबंध में पुलिस ने हॉस्टल संचालक को निर्देश दिया है कि सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखा जाए। उसका सभी रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय में भी शोक का माहौल है।
आधे से अधिक छात्रावासियों ने छोड़ा हॉस्टल
महादेव हॉस्टल में सामान्य तौर पर 50 से अधिक छात्र रहकर पढ़ाई या तैयारी करते हैं। इन दिनों परीक्षाएं समाप्त हो रही हैं। इस वजह से इनकी संख्या आधी ही रह गई थी। अचानक हुई इस घटना से वहां रहने वाले छात्र भी सहम गए। करीब 10 से 15 छात्रावासी हॉस्टल में सूचना देकर निकल गए।
करीब पांच महीने से रह रहा था हॉस्टल में
हॉस्टल के कर्मचारियों ने बताया कि घनेंद्र पिछले सत्र में एक वर्ष तक यहीं रहा था। उसके बाद बाहर चला गया था। करीब पांच महीने पहले ही वह दोबारा हॉस्टल में आया था। हॉस्टल के एक छात्र ने बताया कि कुछ समय पहले घनेंद्र की तबीयत खराब हुई थी। इसके बाद वह विश्वविद्यालय में भी प्रतिदिन नहीं जाता था।
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बताया जा रहा है कि बुधवार को शाम चार बजे के आसपास घनेंद्र बाहर से हॉस्टल में पहुंचा था। इसके बाद हॉस्टल से नहीं निकला। इस समय उसकी परीक्षाएं भी चल रही हैं। पिछले महीने उसका रूम पार्टनर महादेव छात्रावास से चला गया था, जिसके बाद वह द्वितीय तल पर स्थित कक्ष संख्या 301 में अकेले ही रह रहा था। हॉस्टल का सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है। फुटेज में वह एक बार रात में करीब 9:30 बजे और दूसरी बार रात करीब 12:30 बजे कमरे से निकला था। उसने रात में डिनर भी नहीं किया था। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि उसने बुधवार सुबह नाश्ता किया था।
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पुलिस की पूछताछ में छात्रावासियों ने बताया कि रात करीब 9:30 बजे घनेंद्र कमरे से बाहर निकला था, तब आईपीएल का क्रिकेट स्कोर पूछकर कमरे में चला गया था। सीसीटीवी फुटेज में रात 12:30 बजे वह कमरे से बाहर निकलकर टॉयलेट की तरफ जाते और फिर हाथ-मुंह धोकर निकलते दिख रहा है। माना जा रहा है कि उसके बाद ही उसने आत्महत्या की।
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पुलिस ने कमरा नंबर 301 में ताला लगा दिया है। देर रात तक घनेंद्र के परिजन गोरखपुर नहीं पहुंच सके थे। परिजनों की मौजूदगी में अब शुक्रवार को ही ताला खोला जाएगा। इस संबंध में पुलिस ने हॉस्टल संचालक को निर्देश दिया है कि सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखा जाए। उसका सभी रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय में भी शोक का माहौल है।
आधे से अधिक छात्रावासियों ने छोड़ा हॉस्टल
महादेव हॉस्टल में सामान्य तौर पर 50 से अधिक छात्र रहकर पढ़ाई या तैयारी करते हैं। इन दिनों परीक्षाएं समाप्त हो रही हैं। इस वजह से इनकी संख्या आधी ही रह गई थी। अचानक हुई इस घटना से वहां रहने वाले छात्र भी सहम गए। करीब 10 से 15 छात्रावासी हॉस्टल में सूचना देकर निकल गए।
करीब पांच महीने से रह रहा था हॉस्टल में
हॉस्टल के कर्मचारियों ने बताया कि घनेंद्र पिछले सत्र में एक वर्ष तक यहीं रहा था। उसके बाद बाहर चला गया था। करीब पांच महीने पहले ही वह दोबारा हॉस्टल में आया था। हॉस्टल के एक छात्र ने बताया कि कुछ समय पहले घनेंद्र की तबीयत खराब हुई थी। इसके बाद वह विश्वविद्यालय में भी प्रतिदिन नहीं जाता था।