{"_id":"609f63fd936f26334f293197","slug":"maa-ambe-shop-operator-filed-case-of-forgery-in-black-marketing-of-oxygen-cylinders","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर: मां अंबे दुकान संचालक पर जालसाजी का मुकदमा दर्ज, ऑक्सीजन सिलिंडर की कालाबाजारी मामले में हुई थी शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर: मां अंबे दुकान संचालक पर जालसाजी का मुकदमा दर्ज, ऑक्सीजन सिलिंडर की कालाबाजारी मामले में हुई थी शिकायत
Sat, 15 May 2021 11:32 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 15 May 2021 11:32 AM IST
सार
मुकदमा राप्तीनगर निवासी शिकायतकर्ता शलभ दुबे की तहरीर पर दर्ज किया गया है। दुकान को पहले ही सील किया जा चुका है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर शहर के गोरखनाथ रोड 10 नंबर बोरिंग स्थित मां अंबे दुकान से ऑक्सीजन सिलिंडर की कालाबाजारी करने के मामले में दुकान संचालक दिनेश दुबे पर गोरखनाथ थाने में जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा राप्तीनगर निवासी शिकायतकर्ता शलभ दुबे की तहरीर पर दर्ज किया गया है। दुकान को पहले ही सील किया जा चुका है।
ऑक्सीजन सिलिंडर के अधिक पैसे लेने की शिकायत पर 11 मई को सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर/एसडीएम सदर कुलदीप मीणा एवं तहसीलदार सदर डॉ. संजीव दीक्षित ने दुकान पर छापा मारा था। दुकान संचालक के पास ऑक्सीजन सिलिंडर की पहले डीलरशिप थी, लेकिन इस बार बेचने की अनुमति नहीं थी।
प्रशासन की टीम को दुकानदार कोई प्रपत्र नहीं दिखा सका। ऑक्सीजन सिलिंडर जब्त करते हुए दुकान को सील कर दिया गया था। पूछताछ में दुकानदार ने 25 से 40 हजार रुपये में सिलिंडर बेचने की बात स्वीकार की थी। रेगुलेटर भी 2500 से छह हजार रुपये तक बेचे जा रहे थे। कालाबाजारी पकड़े जाने के बाद शिकायतकर्ता सहित कई ऐसे लोगों का बयान प्रशासन ने दर्ज किया, जिन्होंने उस दुकान से सिलिंडर या रेगुलेटर खरीदे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
ऑक्सीजन सिलिंडर के अधिक पैसे लेने की शिकायत पर 11 मई को सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर/एसडीएम सदर कुलदीप मीणा एवं तहसीलदार सदर डॉ. संजीव दीक्षित ने दुकान पर छापा मारा था। दुकान संचालक के पास ऑक्सीजन सिलिंडर की पहले डीलरशिप थी, लेकिन इस बार बेचने की अनुमति नहीं थी।
विज्ञापन
प्रशासन की टीम को दुकानदार कोई प्रपत्र नहीं दिखा सका। ऑक्सीजन सिलिंडर जब्त करते हुए दुकान को सील कर दिया गया था। पूछताछ में दुकानदार ने 25 से 40 हजार रुपये में सिलिंडर बेचने की बात स्वीकार की थी। रेगुलेटर भी 2500 से छह हजार रुपये तक बेचे जा रहे थे। कालाबाजारी पकड़े जाने के बाद शिकायतकर्ता सहित कई ऐसे लोगों का बयान प्रशासन ने दर्ज किया, जिन्होंने उस दुकान से सिलिंडर या रेगुलेटर खरीदे थे।
विज्ञापन
दो दिनों तक इस मामले में छानबीन करते हुए प्रशासन ने कुछ लोगों के बयान दर्ज किए हैं। शुक्रवार को ही इस मामले में राप्तीनगर निवासी शिकायतकर्ता शलभ दुबे की ओर से तहरीर दी गई। इसके बाद थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने बताया कि एक शिकायतकर्ता की ओर से शुक्रवार को गोरखनाथ थाने में दुकानदार के खिलाफ तहरीर दी गई है। इस महामारी के समय किसी प्रकार की कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
गोरखनाथ के थानाध्यक्ष रामाज्ञा सिंह ने बताया कि राप्तीनगर निवासी शलभ दुबे की तहरीर पर दुकान के संचालक के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने बताया कि एक शिकायतकर्ता की ओर से शुक्रवार को गोरखनाथ थाने में दुकानदार के खिलाफ तहरीर दी गई है। इस महामारी के समय किसी प्रकार की कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
गोरखनाथ के थानाध्यक्ष रामाज्ञा सिंह ने बताया कि राप्तीनगर निवासी शलभ दुबे की तहरीर पर दुकान के संचालक के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया है।