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Gorakhpur News: साइबर ठगी के 4.9 करोड़ रुपये का लेन-देन, पांच जालसाज गिरफ्तार
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गोरखपुर। साइबर क्राइम सेल और चिलुआताल पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में साइबर ठगी की रकम को म्यूल बैंक खातों के जरिये निकालकर क्रिप्टो करेंसी (यूएसडीटी) में बदलने वाले गिरोह के पांच गुर्गों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 13 लाख 76 हजार 700 रुपये नकद, कैश काउंटिंग मशीन, लग्जरी कार, 22 एटीएम कार्ड और बड़ी संख्या में चेकबुक व पासबुक बरामद की हैं। अब तक 34 म्यूल खातों की जांच में 4.9 करोड़ के साइबर फ्रॉड से जुड़े लेन-देन की पुष्टि हुई है। गिरोह के पांच अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
एसपी क्राइम अयोध्या प्रसाद ने शुक्रवार को पुलिस लाइंस स्थित व्हाइट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस कर गिरोह के काम करने के तरीके का पर्दाफाश किया। गिरफ्तार आरोपियों में महराजगंज जिले के नौतनवां थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 14 निवासी नवनीत पांडेय उर्फ आदेश, राजघाट के बसंतपुर निवासी रवि वर्मा, चंदौली जिले के खुर्जा निवासी आदर्श सिंह उर्फ थायनोस, एम्स थाना क्षेत्र निवासी प्रज्ञा रतन और चिलुआताल के करीमनगर निवासी मकसूद आलम खान शामिल हैं। इसमें नवनीत पांडेय बीटेक और आदर्श सिंह ने बीटेक किया है।
पूछताछ में पता चला कि आरोपी भोले-भाले लोगों को 20 प्रतिशत कमीशन देने का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड और चेकबुक हासिल कर लेते थे। इसके बाद देशभर में साइबर ठगी और इन्वेस्टमेंट फ्रॉड से हासिल रकम इन खातों में मंगाई जाती थी। आरोपी एटीएम कार्ड और चेक के जरिये खातों से नकदी निकालते थे। इसके बाद कमीशन काटकर बची रकम विदेशी एजेंटों की मदद से यूएसडीटी में बदल दी जाती थी। क्रिप्टो करेंसी को बताए गए वॉलेट में ट्रांसफर कर दिया जाता था, जिससे ठगी की रकम के वास्तविक स्रोत और लेनदेन की कड़ियों को छिपाने की कोशिश की जाती थी।
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12 राज्यों तक पहुंचीं ठगी की शिकायतें
पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आए लेन-देन से जुड़े मामले बिहार, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु समेत कई राज्यों से जुड़े हैं। 34 बैंक खातों की जांच में करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड की रकम आने का पता चला है। पुलिस अब इन खातों के धारकों और गिरोह के पीछे मौजूद मुख्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
बोले अधिकारी
मामले में चिलुआताल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस गिरोह के पांच अन्य भागे आरोपियों की भी तलाश कर रही है। साथ ही उन बैंक खाताधारकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिनके खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में हुआ। जांच के जरिये गिरोह के असली मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
- अयोध्या प्रसाद, एसपी क्राइम
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एसपी क्राइम अयोध्या प्रसाद ने शुक्रवार को पुलिस लाइंस स्थित व्हाइट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस कर गिरोह के काम करने के तरीके का पर्दाफाश किया। गिरफ्तार आरोपियों में महराजगंज जिले के नौतनवां थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 14 निवासी नवनीत पांडेय उर्फ आदेश, राजघाट के बसंतपुर निवासी रवि वर्मा, चंदौली जिले के खुर्जा निवासी आदर्श सिंह उर्फ थायनोस, एम्स थाना क्षेत्र निवासी प्रज्ञा रतन और चिलुआताल के करीमनगर निवासी मकसूद आलम खान शामिल हैं। इसमें नवनीत पांडेय बीटेक और आदर्श सिंह ने बीटेक किया है।
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पूछताछ में पता चला कि आरोपी भोले-भाले लोगों को 20 प्रतिशत कमीशन देने का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड और चेकबुक हासिल कर लेते थे। इसके बाद देशभर में साइबर ठगी और इन्वेस्टमेंट फ्रॉड से हासिल रकम इन खातों में मंगाई जाती थी। आरोपी एटीएम कार्ड और चेक के जरिये खातों से नकदी निकालते थे। इसके बाद कमीशन काटकर बची रकम विदेशी एजेंटों की मदद से यूएसडीटी में बदल दी जाती थी। क्रिप्टो करेंसी को बताए गए वॉलेट में ट्रांसफर कर दिया जाता था, जिससे ठगी की रकम के वास्तविक स्रोत और लेनदेन की कड़ियों को छिपाने की कोशिश की जाती थी।
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12 राज्यों तक पहुंचीं ठगी की शिकायतें
पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आए लेन-देन से जुड़े मामले बिहार, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु समेत कई राज्यों से जुड़े हैं। 34 बैंक खातों की जांच में करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड की रकम आने का पता चला है। पुलिस अब इन खातों के धारकों और गिरोह के पीछे मौजूद मुख्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
बोले अधिकारी
मामले में चिलुआताल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस गिरोह के पांच अन्य भागे आरोपियों की भी तलाश कर रही है। साथ ही उन बैंक खाताधारकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिनके खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में हुआ। जांच के जरिये गिरोह के असली मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
- अयोध्या प्रसाद, एसपी क्राइम