{"_id":"64989485df77219a0100ddf4","slug":"liu-starts-investigation-of-forgery-in-chief-ministers-mass-marriage-scheme-gorakhpur-news-c-7-1-gkp1003-220024-2023-06-26","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"CM सामूहिक विवाह में फर्जीवाड़ा: शादीशुदा महिला ने दूसरे के साथ ले लिए थे फेरे, LIU ने शुरू की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
CM सामूहिक विवाह में फर्जीवाड़ा: शादीशुदा महिला ने दूसरे के साथ ले लिए थे फेरे, LIU ने शुरू की जांच
Mon, 26 Jun 2023 02:37 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 26 Jun 2023 02:37 PM IST
सार
जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि इस मामले की जानकारी आयोजन के दिन ही हो गई थी। इसलिए उनकी विवाह प्रक्रिया रोक दी गई थी। सरकार की तरफ से दिए जाना वाला उपहार आदि वापस ले लिया गया था।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोरखपुर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़े की एलआईयू ने जांच शुरू कर दी है। योजना में मिलने वाले सरकारी पैसे के लालच में शादीशुदा महिला ने पति की जगह पहचान वाले के साथ सात फेरे ले लिए थे। दूसरी ओर इस खेल में शामिल सचिव, गांव के प्रधान समेत अन्य प्रभावशाली लोगों से पैरवी कराने में जुट गया है। हालांकि, इस मामले में मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत हो चुकी है। एक सप्ताह के अंदर पोर्टल पर भी रिपोर्ट देनी है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, कैंपियरगंज क्षेत्र की एक महिला की शादी इसी साल 28 फरवरी को सिद्धार्थनगर जिले के एक युवक से हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद महिला का पति कमाने मुंबई चला गया। इसके बाद महिला वापस मायके आ गई।
विज्ञापन
इस बीच उसने अपने पहचान वाले के साथ मिलकर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मिलने वाली धनराशि को हड़पने की साजिश रची। इसके लिए उसने संबंधित गांव के सचिव और बीडीओ के समक्ष आवेदन किया।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें: मानीराम-माधोपुर बांध का हाल: चूहों ने खोखला कर डाला बांध, जरा चूके तो गाड़ी समेत गड्ढों में समा जाएंगे
आरोप है कि उसे शादीशुदा न होने का प्रमाणपत्र भी दे दिया गया। इसके बाद सचिव और बीडीओ ने 22 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में शादी के मंडप में बैठा दिया। फेरे के बाद प्रमाणपत्र पर उसने अपने पति का नाम भी दर्ज करा लिया। मामले की शिकायत के बाद एलआईयू ने अपने स्तर से जांच शुरू कर दी है। वहीं, दूसरी तरफ बीडीओ ने योजना के तहत दिया गया सामान भी वापस मंगवा लिया है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि इस मामले की जानकारी आयोजन के दिन ही हो गई थी। इसलिए उनकी विवाह प्रक्रिया रोक दी गई थी। सरकार की तरफ से दिए जाना वाला उपहार आदि वापस ले लिया गया था। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि इस मामले की जानकारी आयोजन के दिन ही हो गई थी। इसलिए उनकी विवाह प्रक्रिया रोक दी गई थी। सरकार की तरफ से दिए जाना वाला उपहार आदि वापस ले लिया गया था। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया है।