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विश्व मौसम विज्ञान दिवस: बहराइच से लेकर बंगाल तक खूब गिरती है बिजली, रफ्तार जानकर हो जाएंगे हैरान
Thu, 23 Mar 2023 03:21 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 23 Mar 2023 03:21 PM IST
सार
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने कहा कि जिन इलाकों में इनलैंड वाटर सोर्स (सतही जल स्रोत) ज्यादा होते हैं, उन इलाकों में ही बिजली गिरने की घटनाएं ज्यादा होती हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तर बिहार होते हुए पश्चिम बंगाल तक बिजली गिरने की घटनाएं होती हैं।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : Social Media
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विस्तार
नदियां, ताल, पोखरे, जलाशयों आदि से भरपूर पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तर बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल तक के इलाके बरसात के दिनों में बिजली गिरने के लिहाज से काफी संवेदनशील हैं। मानसून की शुरुआत होने के काफी पहले से बिजली गिरने की घटनाएं शुरू होती हैं वो मानसून तक चलती रहती हैं।
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पूर्वी उत्तरप्रदेश के जिले बहराइच, पीलीभीत, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर आदि में काफी ज्यादा इनलैंड वाटर (सतही जल स्रोतों) की वजह से पानी का वाष्पीकरण काफी ज्यादा होता है। इसके अलावा इन इलाकों के वातावरण में धूल कणों की मात्रा भी काफी होती है।
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इसकी वजह से वातावरण काफी गर्म हो जाता है। वाष्पीकरण के बाद ये कण जब ऊपर की तरफ उठते हैं तो तकरीबन 2500 फीट की ऊंचाई तक पहुंचते हैं। इस ऊंचाई पर क्यूमलो निबंस क्लाउड होते हैं। इन बादलों की ऊंचाई 2500 फीट से लेकर 3500 फीट तक होती है। इनमें तकरीबन 10 लाख वोल्ट क्षमता की बिजली पैदा होती है और यह तकरीबन 2.70 लाख मील प्रति घंटा की रफ्तार से नीचे गिरती है।
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मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने कहा कि जिन इलाकों में इनलैंड वाटर सोर्स (सतही जल स्रोत) ज्यादा होते हैं, उन इलाकों में ही बिजली गिरने की घटनाएं ज्यादा होती हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तर बिहार होते हुए पश्चिम बंगाल तक बिजली गिरने की घटनाएं होती हैं।
जावा में एक साल में 220 दिन गिरती है बिजली
कैलाश पांडेय के अनुसार दुनिया में जावा ऐसा प्रायद्वीप है, जहां साल में 220 दिन बिजली गिरने की घटनाएं होती हैं। भारत के जिन प्रदेशों में बिजली गिरने की घटनाएं होती हैं उनमें उत्तर प्रदेश एक प्रमुख इलाका है। यहां मानसून से पहले के दो महीने में करीब बिजली गिरने की करीब 20 घटनाएं होती हैं। वहीं मानसून के दौरान यह संख्या 30 के पास पहुंच जाती है।