MMMUT: पुस्तकालय को बनाया जा रहा डिजिटल, मशीनें दर्ज करेंगी पुस्तकों का ब्योरा
एमएमएमयूटी को भारत सरकार और आईआईटी खड़गपुर के प्रयास से स्थापित नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी की सांस्थानिक सदस्यता मिल चुकी है। यह सदस्यता प्राप्त करने वाला एमएमएमयूटी प्रदेश का दूसरा संस्थान है। बीएचयू को भी सांस्थानिक सदस्यता हासिल है।
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विस्तार
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के पुस्तकालय को हाई टेक बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके बाद पुस्तकों का ब्योरा दर्ज करने से लेकर आवंटन करने की प्रक्रिया मशीनें ही करेंगी। विद्यार्थियों को पुस्तकों की जानकारी ऑनलाइन हो जाएगी। साथ ही मोबाइल फोन से ही पुस्तक या जर्नल बुक करा लेंगे। लाइब्रेरी में भी कर्मचारियों की संख्या कम हो जाएगी,
विश्वविद्यालय में पुस्तकालय को डिजिटल बनाने की कवायद एक वर्ष से की जा रही थी। अब अंतिम रूप दिया जाने लगा है। पुस्तकालय में पुस्तक आवंटन के लिए एक मशीन रहेगी, जिसमें पुस्तक को डालने पर कंप्यूटर में विद्यार्थी का ब्यौरा दर्ज हो जाएगा। पुस्तक व प्रकाशक का नाम, पुस्तक का कोड, विद्यार्थी का नाम और कक्षा आदि ब्योरा कंप्यूटर में दर्ज होगा। इसके बाद मशीन के दूसरे हिस्से से पुस्तक बाहर आ जाएगी।
विद्यार्थी को मिलेगा यूजर आईडी व पासवर्ड
पुस्तकों को ऑनलाइन खोजने और उसे बुक करने के लिए विद्यार्थियों का लॉगिन बनेगा। इसके लिए विद्यार्थियों को लाइब्रेरी से यूजर आइडी और पासवर्ड उपलब्ध कराया जाएगा।
एमएमएमयूटी में संख्या
छात्र : 5000
शिक्षक : 177
कर्मचारी : 400
पाठ्य सामग्री का विवरण
पुस्तकें : 116516
ई-जर्नल : 2705
ई-बुक्स : 2539
सब्क्राइब्ड जर्नल : 63
विश्वविद्यालय में डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इससे पुस्तकों को खोजना और आवंटित करना आसान हो जाएगा। नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी की सदस्यता मिलने के बाद छात्रों और शिक्षकों को 7.5 करोड़ से ज्यादा पाठ्यसामग्री निशुल्क उपलब्ध हो रही हैं। : प्रो. जेपी पांडेय, कुलपति एमएमएमयूटी
नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी से मिली है सदस्यता
एमएमएमयूटी को भारत सरकार और आईआईटी खड़गपुर के प्रयास से स्थापित नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी की सांस्थानिक सदस्यता मिल चुकी है। यह सदस्यता प्राप्त करने वाला एमएमएमयूटी प्रदेश का दूसरा संस्थान है। बीएचयू को भी सांस्थानिक सदस्यता हासिल है। सदस्यता मिलने के बाद एमएमएमयूटी के विद्यार्थियों और शिक्षकों को नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी पर उपलब्ध 7.5 करोड़ से ज्यादा पाठ्य सामग्री नि:शुल्क उपलब्ध हो रही है।