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Gorakhpur News: इंस्टीट्यूट ऑफ लाइब्रेरी साइंस की स्थापना की राह पर बढ़ा डीडीयू
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गोरखपुर। इंस्टीट्यूट ऑफ लाइब्रेरी साइंस की स्थापना की राह पर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एक कदम और आगे बढ़ गया है। मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब इस संस्थान के निदेशक भी नियुक्त कर दिए गए हैं।
डीडीयू प्रशासन की ओर से ग्रंथालयी डॉ. विभाष कुमार मिश्र को इंस्टीट्यूट ऑफ लाइब्रेरी साइंस का पहला निदेशक नियुक्त किया है। बीते तीन जून को इंस्टीट्यूट ऑफ लाइब्रेरी साइंस की स्थापना को कार्य परिषद ने मंजूरी दी थी। पाठ्यक्रम संचालन की अनुमति मिलने के बाद इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
निदेशक डॉ. विभाष ने बताया कि संस्थान में मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को पुस्तकालय स्वचालन, डिजिटल लाइब्रेरी, ई-संसाधन प्रबंधन, नॉलेज मैनेजमेंट, मेटाडाटा निर्माण, सूचना पुनर्प्राप्ति प्रणाली, कैटलॉगिंग, वर्गीकरण व शोध पद्धति जैसे समकालीन विषयों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा विद्यार्थियों को नवीनतम सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आधारित कार्यप्रणालियों से भी परिचित कराया जाएगा।
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कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि पुस्तकालय विज्ञान के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। पूर्वांचल के छात्रों के हित में इस संस्थान की स्थापना की जा रही है।
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डीडीयू प्रशासन की ओर से ग्रंथालयी डॉ. विभाष कुमार मिश्र को इंस्टीट्यूट ऑफ लाइब्रेरी साइंस का पहला निदेशक नियुक्त किया है। बीते तीन जून को इंस्टीट्यूट ऑफ लाइब्रेरी साइंस की स्थापना को कार्य परिषद ने मंजूरी दी थी। पाठ्यक्रम संचालन की अनुमति मिलने के बाद इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
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निदेशक डॉ. विभाष ने बताया कि संस्थान में मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को पुस्तकालय स्वचालन, डिजिटल लाइब्रेरी, ई-संसाधन प्रबंधन, नॉलेज मैनेजमेंट, मेटाडाटा निर्माण, सूचना पुनर्प्राप्ति प्रणाली, कैटलॉगिंग, वर्गीकरण व शोध पद्धति जैसे समकालीन विषयों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा विद्यार्थियों को नवीनतम सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आधारित कार्यप्रणालियों से भी परिचित कराया जाएगा।
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कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि पुस्तकालय विज्ञान के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। पूर्वांचल के छात्रों के हित में इस संस्थान की स्थापना की जा रही है।