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UP: रेस्क्यू कर गोरखपुर चिड़ियाघर लाया जा रहा तेंदुआ, स्कूल परिसर में छिपा था-डॉ योगेश की टीम ने ऐसे किया काबू

Sat, 27 Jul 2024 06:24 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: रोहित सिंह Updated Sat, 27 Jul 2024 06:24 PM IST
सार

चिड़ियाघर से मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम शुक्रवार को देर शाम गोंडा पहुंच गई। रात में जब यह कंफर्म हो गया कि सीसीटीवी फुटेज में दिखने वाला वन्यजीव तेंदुआ ही है तो इसे रेस्क्यू करने की तैयारी शुरू कर दी गई। सुबह होते ही वह टीम के साथ उस मकान में गए। वहां पर तेंदुए के पदचिन्हों को देखते हुए आगे बढ़े। वहां पर उसकी पूंछ दिखाई दी। एक सुराख से उसको टैंकुलाइज कर बेहोश किया गया। इसके बाद उसे पिंछरे में कैद कर लिया गया।

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Leopard is being brought to Gorakhpur zoo after being rescued from Gonda, Dr Yogesh's team had gone there
रेस्क्यू कर तेंदुए को गाड़ी में लादकर लाया जा रहा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

गोंडा जिले के फातिमा स्कूल परिसर में एक तेंदुआ के घूमने की चर्चा से स्कूल समेत उसके आसपास हड़कंप मच गया। प्रबंधन ने स्कूल की छुट्टी कर दी। शुक्रवार को देर शाम गोंडा पहुंची गोरखपुर चिड़ियाघर की टीम ने 15 घंटे बाद शनिवार को तेंदुए का रेस्क्यू किया। चिड़ियाघर अपनी निगरानी में तेंदुए को गोरखपुर चिड़ियाघर लेकर आ रही है।

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एक हफ्ते पहले स्कूल फातिमा परिसर में तेंदुए की चहलकदमी देखी गई थी। शुक्रवार को सुबह चार बजे के करीब इसे फिर देखा गया। तेंदुए की पहचान के बाद स्कूल प्रबंधन ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सीएफ मनोज सोनकर और डीएफओ गोंडा ने इसकी सूचना प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजय श्रीवास्तव को दी।
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उन्होंने इसे रेस्क्यू करने के लिए शहीद अशफाक उल्लाह खां प्राणि उद्यान को नामित किया। चिड़ियाघर से मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम शुक्रवार को देर शाम गोंडा पहुंच गई। डॉ. योगेश ने बताया कि फातिमा स्कूल के पास एक खाली मकान में पिछले एक हफ्ते से तेंदुआ रह रहा था।
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इसके आसपास बहुमंजिला इमारते हैं। जहं पर वह रहता था वह फ्लोर पर कोई नहीं रहता था लेकिन उसके ऊपर लोग रहते थे। लोगों के अनुसार यह तेंदुआ केवल रात में 11 से चार बजे के बीच दिखाई दे रहा था। सीसीटीवी फुटेज में इसकी पहचान हुई।

डॉ. योगेश ने बताया कि रात में जब यह कंफर्म हो गया कि फुटेज में दिखने वाला वन्यजीव तेंदुआ ही है तो इसे रेस्क्यू करने की तैयारी शुरू कर दी गई। सुबह होते ही वह टीम के साथ उस मकान में गए। वहां पर तेंदुए के पदचिन्हों को देखते हुए आगे बढ़े। वहां पर उसकी पूंछ दिखाई दी। एक सुराख से उसको टैंकुलाइज कर बेहोश किया गया। इसके बाद उसे पिंछरे में कैद कर लिया गया।


सोहगीबरवा में छोड़ा जाएगा
चिड़ियाघर की टीम तेंदुए को लेकर शनिवार देर रात गोरखपुर पहुंच जाएगी। डॉ. योगेश ने बताया यह एक नर तेंदुआ है, जिसकी उम्र करीब छह वर्ष है। गोरखपुर चिड़ियाघर में इसकी प्राथमिक जांच के बाद इसे रविवार को सोहगीबरवा रेंज में छोड़ दिया जाएगा।

 

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