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Gorakhpur News: गुरुकुल सिटी का लेआउट तैयार, जल्द मिलेगी स्वीकृति
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- जीडीए बोर्ड की बैठक में नया गोरखपुर की पहली योजना का रखा जाएगा प्रस्ताव
- मानीराम और रहमतनगर क्षेत्र में 400 एकड़ में बननी है गुरुकुल सिटी
- 27 नवंबर को होनी है बैठक, भू-उपयोग के भी रखे जाएंगे प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। नया गोरखपुर प्रोजेक्ट के तहत गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) अपनी पहली बड़ी आवासीय-व्यावसायिक योजना लॉन्च करने की तैयारी में है। मानीराम और रहमतनगर क्षेत्र में सोनौली रोड के किनारे लगभग 400 एकड़ में प्रस्तावित ‘गुरुकुल सिटी’ का लेआउट अंतिम चरण में पहुंच चुका है। जीडीए 27 नवंबर को बोर्ड बैठक आयोजित कर रहा है, जिसमें इस मेगा प्रोजेक्ट के लेआउट को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। मंजूरी मिलते ही सेक्टरवार जमीन चिह्नित कर विकास कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।
शहर से बाहर प्राधिकरण की यह पहली संगठित टाउनशिप है, जिसे दूरगामी विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। नया गोरखपुर कुल 6000 एकड़ में विकसित किया जाएगा, जिसके लिए 25 गांवों को चयनित किया गया है। कुशीनगर रोड के तीन गांवों समेत उत्तर दिशा के तीन गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। कुछ जमीन जीडीए को प्राप्त हो चुकी है, जबकि शेष के लिए अनिवार्य अर्जन की कार्रवाई चल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी परियोजना की प्रगति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
उत्तरी गोरखपुर का तेजी से विकास इस टाउनशिप को विशेष महत्व देता है। रामगढ़ताल की तर्ज पर चिलुआताल को पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जा रहा है। क्षेत्र में यूपीएसएसएफ की द्वितीय वाहिनी का 125 एकड़ में मुख्यालय, निजी विश्वविद्यालय और भटहट तक बन रहा फोरलेन शहर के विस्तार को गति दे रहा है। बोर्ड बैठक में ताल जहदा और कोनी में भू-उपयोग परिवर्तन संबंधित प्रस्ताव भी रखे जाएंगे। महिला बटालियन भवन के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन का प्रस्ताव भी शामिल होगा।
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गुरुकुल सिटी में मिलेंगी ये सुविधाएं
इस एजुकेशनल टाउनशिप में स्कूल, कॉलेज, निजी विश्वविद्यालय, तकनीकी संस्थान, कोचिंग और ट्रेनिंग सेंटर के लिए समर्पित भूमि रखी जा रही है। साथ ही ग्रुप हाउसिंग, प्लॉटेड एरिया, ईडब्ल्यूएस/एलआईजी आवास, सर्विस अपार्टमेंट, होटल, मॉल, रिटेल कॉमर्शियल, सिटी सिविक सेंटर, पार्क, जलाशय और ग्रीन जोन जैसी आधुनिक सुविधाएं भी शामिल होंगी।
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- मानीराम और रहमतनगर क्षेत्र में 400 एकड़ में बननी है गुरुकुल सिटी
- 27 नवंबर को होनी है बैठक, भू-उपयोग के भी रखे जाएंगे प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। नया गोरखपुर प्रोजेक्ट के तहत गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) अपनी पहली बड़ी आवासीय-व्यावसायिक योजना लॉन्च करने की तैयारी में है। मानीराम और रहमतनगर क्षेत्र में सोनौली रोड के किनारे लगभग 400 एकड़ में प्रस्तावित ‘गुरुकुल सिटी’ का लेआउट अंतिम चरण में पहुंच चुका है। जीडीए 27 नवंबर को बोर्ड बैठक आयोजित कर रहा है, जिसमें इस मेगा प्रोजेक्ट के लेआउट को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। मंजूरी मिलते ही सेक्टरवार जमीन चिह्नित कर विकास कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।
शहर से बाहर प्राधिकरण की यह पहली संगठित टाउनशिप है, जिसे दूरगामी विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। नया गोरखपुर कुल 6000 एकड़ में विकसित किया जाएगा, जिसके लिए 25 गांवों को चयनित किया गया है। कुशीनगर रोड के तीन गांवों समेत उत्तर दिशा के तीन गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। कुछ जमीन जीडीए को प्राप्त हो चुकी है, जबकि शेष के लिए अनिवार्य अर्जन की कार्रवाई चल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी परियोजना की प्रगति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
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उत्तरी गोरखपुर का तेजी से विकास इस टाउनशिप को विशेष महत्व देता है। रामगढ़ताल की तर्ज पर चिलुआताल को पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जा रहा है। क्षेत्र में यूपीएसएसएफ की द्वितीय वाहिनी का 125 एकड़ में मुख्यालय, निजी विश्वविद्यालय और भटहट तक बन रहा फोरलेन शहर के विस्तार को गति दे रहा है। बोर्ड बैठक में ताल जहदा और कोनी में भू-उपयोग परिवर्तन संबंधित प्रस्ताव भी रखे जाएंगे। महिला बटालियन भवन के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन का प्रस्ताव भी शामिल होगा।
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गुरुकुल सिटी में मिलेंगी ये सुविधाएं
इस एजुकेशनल टाउनशिप में स्कूल, कॉलेज, निजी विश्वविद्यालय, तकनीकी संस्थान, कोचिंग और ट्रेनिंग सेंटर के लिए समर्पित भूमि रखी जा रही है। साथ ही ग्रुप हाउसिंग, प्लॉटेड एरिया, ईडब्ल्यूएस/एलआईजी आवास, सर्विस अपार्टमेंट, होटल, मॉल, रिटेल कॉमर्शियल, सिटी सिविक सेंटर, पार्क, जलाशय और ग्रीन जोन जैसी आधुनिक सुविधाएं भी शामिल होंगी।