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पल भर के लिए अभिलेखों में जिंदा हुए दिवंगत खेलई

Sun, 20 Nov 2022 05:30 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 20 Nov 2022 05:30 AM IST
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Late players alive in records for a moment
पल भर के लिए अभिलेखों में जिंदा हुए दिवंगत खेलई
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वारिसों के नाम दर्ज हुई जमीन, राजस्व निरीक्षक के पुराने आदेश को किया गया निरस्त
संतकबीरनगर। राजस्व अभिलेखों में मर चुके खेलई भले ही जीते जी जिंदा नहीं हो पाए, लेकिन मौत के बाद पल भर के लिए अभिलेखों में जरूर जीवित हुए। सीओ चकबंदी ने उनके वारिशों का बयान दर्ज कर गांव वालों से जानकारी जुटाई। उसके बाद दिवंगत खेलई के वारिसों के नाम जमीन दर्ज करा दी।
धनघटा तहसील क्षेत्र के कोड़रा निवासी खेलई और फेरई दो भाई थे। बडे़ भाई फेरई की मौत वर्ष 2016 में हो गई थी। राजस्व विभाग ने बड़े भाई फेरई की जगह छोटे भाई खेलई को अभिलेखों में मृतक दिखा दिया था। उनकी संपत्ति फेरई के बेटों और पत्नी के नाम वरासत कर दी थी।
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खेलई खुद को जिंदा साबित कर अपनी जमीन वापस पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने लगे, लेकिन न्याय नहीं मिल पाया। बुधवार को खेलई सीओ चकबंदी धनघटा के कोर्ट में बयान दर्ज कराने आए थे। बयान दर्ज होने के पहले उनकी मौत हो गई थी।
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अपर एसडीएम/बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी रमेश चंद्रा ने बताया कि खेलई के प्रकरण को सीओ चकबंदी किसलय द्विवेदी को अविलंब निस्तारित करने के निर्देश दिए गए थे। सीओ चकबंदी ने राजस्व निरीक्षक के 19 अगस्त 2016 के आदेश को निरस्त कर दिया। उक्त खाते की जमीन में मृतक खेलई पुत्र बाल किशुन का नाम अभिलेख में दर्ज कर उनके वारिस हीरालाल, पन्ने लाल, अमरजीत, रंजीत पुत्र खेलई व उनके पौत्र अतुल, मिन्नर, धर्मेंद्र पुत्र मन्नूलाल उर्फ अमृत लाल, पौत्री काजल पुत्री मन्नूलाल उर्फ अमृत लाल तथा पुत्रवधू गीता पत्नी मन्नू लाल उर्फ अमृत लाल के नाम दर्ज करा दी। संवाद

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पति की मौत के सदमे में पत्नी की जान गई
धनघटा। तीन दिन पहले धनघटा तहसील में खेलई की मौत हो गई थी। पति की मौत के सदमे को पत्नी भी बर्दाश्त नहीं कर पाई और शनिवार को उनकी मौत हो गई। ग्राम प्रधान बृजेश यादव और खेलई के पुत्र पन्नेलाल ने बताया कि पति की मौत से मां सोमारी देवी सदमे में थीं। वह भोजन नहीं कर रही थीं। शनिवार सुबह उन्होंने भी दम तोड़ दिया। पीड़ित बेटे पन्नेलाल ने बताया कि मां का भी अंतिम संस्कार उसी जगह पर किया गया, जहां दो दिन पहले पिता का किया था। संवाद
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