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Gorakhpur News: गैस और जलन की लापरवाही पड़ी भारी, सीने में पहुंचा पेट का हिस्सा

Sun, 10 May 2026 02:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Sun, 10 May 2026 02:05 AM IST
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Laparoscopic Nissen Fundoplication Surgery Performed in the Surgery Department of AIIMS Gorakhpur
गोरखपुर। पेट में गैस और सीने में जलन जैसी समस्या को लंबे समय तक नजरअंदाज करना बिहार निवासी 36 वर्षीय युवक पर भारी पड़ गया। हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसके पेट का हिस्सा सीने तक पहुंचने लगा। इससे उसे लगातार दर्द और परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। एम्स के सर्जरी विभाग में दूरबीन विधि से सफल सर्जरी कर युवक को गंभीर जटिलताओं से राहत दिलाई गई।
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युवक लंबे समय से गैस्ट्रोइसोफेजियल रिफ्लक्स, सीने में जलन और दर्द से पीड़ित था, जिससे उसकी दिनचर्या प्रभावित हो रही थी। स्वजन उसे सर्जरी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र कुमार पिपल के पास लेकर पहुंचे। जांच के बाद सर्जरी का निर्णय लिया गया।
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इससे पहले गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ केडिया ने एंडोस्कोपी समेत अन्य जांच की। जांच में युवक में हिल्स ग्रेड-4 हायटल हार्निया की पुष्टि हुई। चिकित्सकों के अनुसार, ऑपरेशन में देरी पर स्थिति और गंभीर हो सकती थी। डॉ. धर्मेंद्र पिपल ने बताया कि अब एम्स में लैप्रोस्कोपिक निसेन फंडोप्लीकेशन जैसी उच्च कौशल वाली सर्जरी उपलब्ध है। इससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार मिल सकेगा।
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सर्जरी टीम में डॉ. धर्मेंद्र पिपल, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रजनीश कुमार, सीनियर रेजिडेंट डॉ. सलमान खान और जूनियर रेजिडेंट डॉ. दिव्या मिश्रा शामिल रहीं। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. संतोष शर्मा, डॉ. अंकिता और डॉ. उर्वशी रहीं। नर्सिंग देखभाल सुष्मिता ने प्रदान की। एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने सफल सर्जरी के लिए चिकित्सकों की टीम को बधाई दी।


क्या है लैप्रोस्कोपिक निसेन फंडोप्लीकेशन सर्जरी
यह एक जटिल एवं उच्च कौशल वाली सर्जरी है। इसमें सीने की ओर खिसक चुके पेट के हिस्से को पुनः पेट की गुहा में स्थापित किया जाता है। इसके बाद इसोफेगस के निचले हिस्से के चारों ओर 360 डिग्री फंडल रैप बनाकर एसिड रिफ्लक्स को रोका जाता है।
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