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Gorakhpur News: कल से लगेगा खरमास, नहीं होंगे शादी विवाह
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- एक माह बाद 14 अप्रैल के बाद फिर खुलेगा लगन
गोरखपुर। खरमास 15 मार्च रविवार से शुरू होगा। इसके बाद शादी-विवाह सहालग पर विराम एक माह 14 अप्रैल तक रहेगा। इस बीच बैंड बाजे की धुन पर बराती एक माह तक नहीं थिरक पाएंगे।
गोरखनाथ संस्कृत विद्यापीठ के साहित्य विभागाध्यक्ष डॉ. रोहित कुमार मिश्र ने बताया कि दिसंबर (धनु संक्रांति) और मार्च (मीन संक्रांति) में लगने वाले खरमास का मुख्य अंतर सूर्य की राशि स्थिति है। दिसंबर में सूर्य ''''धनु'''' राशि में और मार्च में ''''मीन'''' राशि में प्रवेश करते हैं। दोनों ही अवधि में सूर्य की गति धीमी होने से शादी-विवाह आदि कार्य वर्जित होते हैं, सूर्य की पूजा विशेष फलदायी होती है। दिसंबर के खरमास में कोई भी शुभ कार्य नहीं होते हैं। वहीं मार्च में आने वाले खरमास में शादी-विवाह व मुंडन नहीं होते हैं। बाकी उपनयन संस्कार, अन्नप्राशन व पूजा-पाठ किया जाता है। पंडित विकास मालवीय ने बताया कि सूर्य का मीन संक्रांति 15 मार्च को भोर में 03:36 बजे से होगा। वहीं 14 अप्रैल को पूर्वाह्न 11:45 बजे से मेष संक्रांति होगी। इसके बाद ही खरमास समाप्त हो जाएगा।
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गोरखपुर। खरमास 15 मार्च रविवार से शुरू होगा। इसके बाद शादी-विवाह सहालग पर विराम एक माह 14 अप्रैल तक रहेगा। इस बीच बैंड बाजे की धुन पर बराती एक माह तक नहीं थिरक पाएंगे।
गोरखनाथ संस्कृत विद्यापीठ के साहित्य विभागाध्यक्ष डॉ. रोहित कुमार मिश्र ने बताया कि दिसंबर (धनु संक्रांति) और मार्च (मीन संक्रांति) में लगने वाले खरमास का मुख्य अंतर सूर्य की राशि स्थिति है। दिसंबर में सूर्य ''''धनु'''' राशि में और मार्च में ''''मीन'''' राशि में प्रवेश करते हैं। दोनों ही अवधि में सूर्य की गति धीमी होने से शादी-विवाह आदि कार्य वर्जित होते हैं, सूर्य की पूजा विशेष फलदायी होती है। दिसंबर के खरमास में कोई भी शुभ कार्य नहीं होते हैं। वहीं मार्च में आने वाले खरमास में शादी-विवाह व मुंडन नहीं होते हैं। बाकी उपनयन संस्कार, अन्नप्राशन व पूजा-पाठ किया जाता है। पंडित विकास मालवीय ने बताया कि सूर्य का मीन संक्रांति 15 मार्च को भोर में 03:36 बजे से होगा। वहीं 14 अप्रैल को पूर्वाह्न 11:45 बजे से मेष संक्रांति होगी। इसके बाद ही खरमास समाप्त हो जाएगा।
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