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Gorakhpur News: दर्जिनियां ताल पर सुविधाओं का अभाव, पर्यटकों के रोक रहा कदम

Fri, 11 Oct 2024 03:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Fri, 11 Oct 2024 03:35 AM IST
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Lack of facilities at Darjinia Tal, stopping tourists from taking steps
दर्जीनियां ताल और उसके टीले पर उगी घास।
निचलौल। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत निचलौल वन रेंज क्षेत्र के घने जंगलों और नारायणी नदी के किनारे स्थित दर्जिनियां ताल पर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रकृति ने अपना खजाना खोल रखा है।
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यहां पर पर्यटन की दृष्टि से मनमोहक नजारें है, क्योंकि दर्जिनियां ताल का नाम सुनते ही हर पर्यटक को यहां पर आने का मन करता है। लेकिन यहां पर सुविधाओं का अभाव पर्यटकों का कदम रोक दे रहा है। ऐसे में दर्जिनियां ताल से उत्तर महज कुछ ही दूरी पर नेपाल के सुस्ता में नारायणी नदी पर बनी करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी झूला पुल की ओर पर्यटक रुख कर ले रहे हैं।
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यही कारण है कि यहां पर पर्यटन की अपार संभावनाएं होते हुए भी दर्जिनियां ताल वीरान हो चुका है। सिर्फ फरवरी व मार्च में यहां पर पर्यटकों की थोड़ी आवाजाही देखी जाती है। इसमें भी अधिकतर आसपास क्षेत्र के ही लोग रहते हैं, जिम्मेदारों की ओर से दर्जिनियां ताल पर पहुंचने वाले पर्यटकों से शुल्क की वसूली कर इसकी उपेक्षा की जा रही है। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, दर्जिनियां ताल घने जंगलों के बीच करीब 5 हेक्टेयर भूमि में फैला है। इस ताल में करीब 300 से अधिक मगरमच्छ रहते हैं। इनकी संख्या लगातार बढ़ती चली जा रही है। वहीं ताल से सटे होकर गुजरी नारायणी नदी में घड़ियाल भी निवास करते हैं। ऐसे में दर्जिनियां ताल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए शासन ने वर्ष 2016 में 14.5 लाख रुपये अवमुक्त किए थे।
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उसके बाद विभाग के उच्चाधिकारियों की निगरानी में दर्जिनियां ताल के सुंदरीकरण, पर्यटकों के बैठने सहित अन्य व्यवस्था कराई गई थी। इसके साथ ही ताल के बीच में मगरमच्छों को बैठने के लिए करीब छह से अधिक टीले के अलावा एक वाच टाॅवर का भी निर्माण कराया गया था। हालांकि विभाग की ओर से यहां पर एक कर्मी को तैनात कर पर्यटन के नाम पर हर व्यक्ति से 50 और वाहन स्टैंड के नाम पर प्रति चारपहिया वाहन से 200 व दो पहिया वाहन से 50 के अलावा साइकिल से 10 रुपये की वसूली की जाती है।
ताल पर पर्यटकों के लिए सुविधा न होने के चलते इस वसूली में भी काफी गिरावट आई है। यह जानकारी पिछले चार महीनों के वसूली आंकड़े पर नजर डालने से हुई है। जून में 24400, अगस्त में 18800, सितंबर में 27200 तो वहीं सितंबर में महज 6550 रुपये शुल्क की वसूली हो पाई है।

डीएफओ आर्शी मलिक ने बताया की पर्यटन स्थल दर्जिनियां ताल पर पर्यटकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। बजट मिलने के बाद ठीक करा लिया जाएगा।
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