{"_id":"5ebb7fbdf0e0181d6c541c23","slug":"labourers-did-not-go-back-to-other-state-for-earning-money","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन 3.0: हजारों किमी का सफर तय कर अभी घर भी नहीं पहुंचे मजूदर, फैक्ट्रियों से आने लगी बुलाहट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन 3.0: हजारों किमी का सफर तय कर अभी घर भी नहीं पहुंचे मजूदर, फैक्ट्रियों से आने लगी बुलाहट
Wed, 13 May 2020 10:34 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 13 May 2020 10:34 AM IST
सार
- गोरखपुर जंक्शन पर आए कुछ श्रमिकों के पास फोन आए
- लॉकडाउन में जिल्लत झेल चुके श्रमिकों ने जाने से किया इनकार
विज्ञापन
Gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
श्रमिक स्पेशल से आने वाले अप्रवासी मजदूर और उनके परिवार वाले अभी घर पहुंचे नहीं, कि उन्हें वापस बुलाने की सिफारिश शुरू हो गई हैं। गोरखपुर जंक्शन पर आए कुछ श्रमिकों के पास फोन आए।
विज्ञापन
ठेकेदारों ने बकाया देने के साथ एडवांस का भी लालच दिया। लेकिन लॉकडाउन में जिल्लत झेल चुके श्रमिकों ने जाने से इनकार कर दिया है। उनका कहना था कि हमें दोगुना पारिश्रमिक देंगे तब पर भी नहीं जाऊंगा। गांव में ही रोजी-रोटी की तलाश करुंगा।
विज्ञापन
कुशीनगर के रहने वाले अल्ताफ अंसारी ने बताया कि पंजाब में पेंट-पालिस कराने वाले ठेकेदार का रास्ते में ही फोन आया था। मैंने मना कर दिया। जब वहां थे, कोई मदद को नहीं आई। हमारा गांव ही सबसे अच्छा है। अब यहीं कोई रोजगार ढ़ूढेंगे।
विज्ञापन
वहीं देवरिया के रहने वाले अनंत कुमार ने बताया कि चंडीगढ़ में भूखे-प्यासे जिस तरह से हमने समय गुजारा हैं, ताउम्र नहीं भूलेंगे। गनीमत थी कि ट्रेन मिल गई और अब गांव जा रहे हैं। साथी ने फोन किया था कि फैक्ट्री चलने वाली है, बुला रहे हैं। लेकिन हमने मना कर दिया।