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Gupt Navratri: जानिए कब शुरू हो रही है गुप्त नवरात्रि, मां के इन स्वरूपों की होगी पूजा-अर्चना

Fri, 09 Jul 2021 05:07 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 09 Jul 2021 05:07 PM IST
सार

आषाढ़ मास के शुक्ल प्रतिपदा और माघ के शुक्ल प्रतिपदा से गुप्त नवरात्रों की शुरुआत होती है। इस नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि इसलिए कहा गया कि इसमे साधक बाह्य रूप से ज्यादा प्रदर्शन न करके अपने आवास या शक्तिपीठों पर जाकर गुप्त रूप से साधनाएं करते है।

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Know when Gupt Navratri 2021 is start
नवरात्र - फोटो : amar ujala

विस्तार

गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 11 जुलाई रविवार से हो रही है जो 18 जुलाई को समाप्त होगी। वाराणसी से प्रकाशित पंचांग के अनुसार इसमें पंचमी तिथि का विलय 14 जुलाई को होने के कारण यह नवरात्रि इस बार आठ ही दिन का रहेगा।

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पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि आश्विन मास में शारदीय और चैत्र में वासंतिक नवरात्रि होते है। इसके अतिरिक्त आषाढ़ मास के शुक्ल प्रतिपदा और माघ के शुक्ल प्रतिपदा से गुप्त नवरात्रों की शुरुआत होती है। इस नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि इसलिए कहा गया कि इसमे साधक बाह्य रूप से ज्यादा प्रदर्शन न करके अपने आवास या शक्तिपीठों पर जाकर गुप्त रूप से साधनाएं करते है। कहा जाता है कि जितना ही अंतर्मुखी होकर पूजा संपन्न की जाती है। उसका फल उतना ही गुणित (कई गुना) होता है।
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इनकी होती है आराधना
पंडित अवधेश पांडेय के अुनसार गुप्त नवरात्रि के दौरान साधक 10 महाविद्या की तंत्र साधना के लिए मां काली, मां तारा देवी, मां त्रिपुर-सुंदरी, मां भुवनेश्वरी देवी, माता छिन्नमस्ता, मां त्रिपुरी भैरवी, मां धूमावती, मां मांतगी, मां कमला, माता बग्लामुखी की आराधना करते हैं।

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गुप्त नवरात्रि में ऐसे करें पूजन

ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन ने बताया कि गुप्त नवरात्रि के दौरान अन्य नवरात्रि की तरह ही पूजा करनी चाहिए। नौ दिनों के उपवास का संकल्प लेते हुए प्रतिप्रदा के दिन घटस्थापना करनी चाहिए। घटस्थापना के बाद प्रतिदिन सुबह और शाम के समय मां भगवती की पूजा करते हुए मंत्रों की साधना करनी चाहिए।

इसके अलावा दुर्गा सप्तसती का पाठ अवश्य करें। नवमी के दिन व्रत की पूर्णाहुति के पश्चात कन्या पूजन करें। दशमी के दिन ब्राह्मणों को भोजन कराकर व्रत का पारण करें।

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