{"_id":"5ef1c6a68ebc3e42c701eaaf","slug":"know-about-history-of-railway-hospital-gorakhpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"94 साल पहले गोरखपुर में खोला गया था रेलवे अस्पताल, जांच के बाद डॉक्टर यहां करते थे ऑपरेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
94 साल पहले गोरखपुर में खोला गया था रेलवे अस्पताल, जांच के बाद डॉक्टर यहां करते थे ऑपरेशन
Tue, 23 Jun 2020 02:48 PM IST
vivek shukla
राजन राय, गोरखपुर।
राजन राय, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 23 Jun 2020 02:48 PM IST
विज्ञापन
गोरखपुर रेलवे अस्पताल।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर ललित नारायण मिश्र रेलवे चिकित्सालय का इतिहास बहुत ही पुराना है। बहुत कम लोग जानते होंगे कि गोरखपुर रेलवे स्टेशन बनने के बाद यहां रेलवे की तरफ से न तो कोई अस्पताल था और न ही डिस्पेंसरी।
विज्ञापन
1 मार्च 1926 को अंग्रेजों ने रेलवे अस्पताल का निर्माण कराकर यहां ओपीडी शुरू करा दी। पहले इसका नज्म रेलवे अस्पताल ही था, बाद में ललित नारायण मिश्र रेलवे चिकित्सालय किया गया।
विज्ञापन
अस्पताल में शुरू के दिनों में मरीजों को सिर्फ देखा जाता था, उन्हें भर्ती करने की कोई व्यवस्था नहीं थी। बीमार मरीजों को जिला अस्पताल में शिफ्ट कराया जाता था। लेकिन बढ़ती जरूरत को महसूस करते हुए रेलवे प्रशासन ने 1930 में रेलवे अस्पताल में मरीजों को एडमिट करने की व्यवस्था शुरू की।
विज्ञापन
पहले 50 मरीजों को एडमिट किया जाता था। उस समय 6 डॉक्टर और 2 नर्स हुआ करते थे। 1948- 49 में इस अस्पताल का विस्तार किया गया और यहां बेड की संख्या बढ़ाई गई।
इसके बाद यहां 96 मरीजों को एक साथ एडमिट किया जाने लगा। साथ ही एक्सरे और इलेक्ट्रोथेरेपी सहित कई और उपकरण लगा दिए गए। विस्तार के क्रम में 1954 में अस्पताल में ऑपरेशन भी शुरू ही गया।