खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना: लेआउट को बोर्ड ने किया मंजूर, अब ई-लॉटरी की बारी
सर्वे टीम की रिपोर्ट के आधार पर बनी सहमति पर आबादी के मकानों को योजना से अलग किया गया है। इसके बाद ले आउट संशोधित किया गया है। उनको सुरक्षित रखने पर भी बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। इसलिए स्थानीय लोगों में कोई संशय नहीं रहेगा। खाली पड़े प्लाट को फेज एक और दूसरे फेज में आबादी के मकानों के लिए कार्रवाई होगी।
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खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना की जल्द ही ई लाटरी होने की उम्मीद जगी है। मंगलवार का जीडीए बोर्ड की बैठक में योजना के संशोधित ले आउट को मंजूरी मिल गई। इसके बाद अधिकारी ई लाटरी की तिथि को लेकर मंथन में जुट गए।
बोर्ड की 125वीं बैठक में महायोजना 2031 से संंबंधित शासकीय समिति के निर्देशों के आधार पर तैयार आख्या को भी सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। हरित क्षेत्र विकसित किए जाने के बदले स्थानीय लोगों से अधिक शुल्क लेने को बोर्ड ने न्याय संगत नहीं पाया। इसमें संशोधन के संबंध में रिपोर्ट शासकीय समिति को भेजी जाएगी।
दोपहर साढ़े 12 बजे सभागार में कमिश्नर और जीडीए के अध्यक्ष अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में बैठक शुरू हुई। इसमें सबसे पहले खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना को लेकर पदाधिकारियों ने चर्चा की। इस दौरान बताया कि सघन आबादी वाले क्षेत्रों को योजना को अलग किए जाने के लिए चार टीमें बनाकर सर्वे किया गया था।
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सर्वे टीम की रिपोर्ट के आधार पर बनी सहमति पर आबादी के मकानों को योजना से अलग किया गया है। इसके बाद ले आउट संशोधित किया गया है। उनको सुरक्षित रखने पर भी बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। इसलिए स्थानीय लोगों में कोई संशय नहीं रहेगा। खाली पड़े प्लाट को फेज एक और दूसरे फेज में आबादी के मकानों के लिए कार्रवाई होगी। इनको भी योजना में शामिल करते हुए नियमित कराया जा सकेगा।
मेडिसिटी योजना के भूखंडों के आकार में बदलाव
योजना में ले आउट संशोधन के बाद प्लाट की संख्या पर्याप्त हो जाएगी। इसमें कुछ प्लाट बढ़ने की उम्मीद है। इसको देखते हुए मेडिसिटी के तहत अस्पतालों के प्लाटों के आकार में भी बदलाव किया गया है। बढ़े हुए प्लाट के लिए लाटरी के बाद आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। बैठक में विश्व स्तर के कन्वेंशन सेंटर के निर्माण कार्य को भी बोर्ड ने सैद्धांतिक सहमति दी। योजना का निर्माण कैसे कराया जाएगा, इसका पूरा अधिकार उपाध्यक्ष को दे दिया गया है।
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जीडीए की सीमा में बनाए जाएंगे सात प्रवेश द्वार
जीडीए बोर्ड की बैठक में डीएम कृष्णा करुणेश, जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, सचिव उदय प्रताप सिंह, प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।