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खोराबर टाउनशिप व मेडिसिटी : अधिग्रहित जमीन का बढ़ा मुआवजा देने की मांग
Tue, 20 Feb 2024 03:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 20 Feb 2024 03:39 AM IST
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जंगल सिकरी एवं खोराबार के मकान बचाओं संघर्ष समिति के बैनर तले कमिश्नर को दिया ज्ञापन
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी परियोजना के लिए अधिग्रहित राजस्व ग्राम खोराबार उर्फ सूबा बाजार एवं जंगल सिकरी उर्फ खोराबार के किसानों ने सोमवार को कमिश्नर कार्यालय पर पहुंच कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने अधिग्रहण मुक्त किए गए जमीनों एवं आवास के लिए मालिकाना हक उनको देने और जिन जमीनों एवं मकानों को अधिग्रहित कर तोड़ा गया उनमें नियमानुसार बढ़ा हुआ मुआवजा देने की मांग की।
जंगल सिकरी उर्फ खोराबारा एव खोराबार उर्फ सूबा बाजार से सोमवार की सुबह कमिश्नर कार्यालय पर काफी संख्या में प्रभावित नागरिक पहुंचे थे। जंगल सिकरी एवं खोराबार के मकान बचाओं संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय नारायण मिश्रा की अगुवाई कमिश्नर अनिल ढींगरा को सौंपे पत्रक में बताया कि साल 2023 में मुख्यमंत्री एवं सभी अधिकारियों की मौजूदगी में परियोजना के प्रभावित लोगों संग बैठक में मंजूरी बनी थी। जिसमें घनी आबादी में निर्मित मकानों एवं उसकी भूमि को अधिग्रहण से बाहर छोड़ा जाएगा। शेष अधिग्रहित भूमि एवं मकान का अधिक मुआवजा दिया जाएगा।
लोगों ने कमिश्नर से मकानों का मालिकाना हक दिलाने, अधिग्रहित की गई खाली जमीनों के लिए बढ़ा मुआवजा दिलाने की मांग की। कमिश्नर ने लोगों जल्द ही इसका हल निकालने का विश्वास दिलाया और कहा कि गोरखपुर विकास प्राधिकरण से मुलाकात में इस मुद्दे पर ताजा अपडेट लेंगे। इस दौरान विमलेश त्रिपाठी, शशि रंजन पाण्डेय, जयकिशन, दयाराम , संतोष चौहान, कृष्णा शर्मा, भुनेश्वर नाथ, शशिभुषण, पूनम सिंह समेत काफी संख्या में परियोजना से प्रभावित लोग मौजूद रहे।
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परियोजना स्थल पर मिट्टी का काम जोरों पर
खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी परियोजना में मिट्टी संबंधी काम जोरों पर है। बड़ी संख्या में डम्पर से दिन रात मिट्टी गिराई जा रही है। काम की इस तेजी को देखते हुए विस्थापितों में भी बढ़े मुआवजे के साथ अधिग्रहण से बाहर किए गए मकानों के एवं जमीनों के मालिकाना हक की मांग भी जोर पकड़ने लगी हैं। सभी की मांग है कि लारा अदालत में चल रहे मामलों की तेजी से सुनवाई की जाए।
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गोरखपुर। खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी परियोजना के लिए अधिग्रहित राजस्व ग्राम खोराबार उर्फ सूबा बाजार एवं जंगल सिकरी उर्फ खोराबार के किसानों ने सोमवार को कमिश्नर कार्यालय पर पहुंच कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने अधिग्रहण मुक्त किए गए जमीनों एवं आवास के लिए मालिकाना हक उनको देने और जिन जमीनों एवं मकानों को अधिग्रहित कर तोड़ा गया उनमें नियमानुसार बढ़ा हुआ मुआवजा देने की मांग की।
जंगल सिकरी उर्फ खोराबारा एव खोराबार उर्फ सूबा बाजार से सोमवार की सुबह कमिश्नर कार्यालय पर काफी संख्या में प्रभावित नागरिक पहुंचे थे। जंगल सिकरी एवं खोराबार के मकान बचाओं संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय नारायण मिश्रा की अगुवाई कमिश्नर अनिल ढींगरा को सौंपे पत्रक में बताया कि साल 2023 में मुख्यमंत्री एवं सभी अधिकारियों की मौजूदगी में परियोजना के प्रभावित लोगों संग बैठक में मंजूरी बनी थी। जिसमें घनी आबादी में निर्मित मकानों एवं उसकी भूमि को अधिग्रहण से बाहर छोड़ा जाएगा। शेष अधिग्रहित भूमि एवं मकान का अधिक मुआवजा दिया जाएगा।
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लोगों ने कमिश्नर से मकानों का मालिकाना हक दिलाने, अधिग्रहित की गई खाली जमीनों के लिए बढ़ा मुआवजा दिलाने की मांग की। कमिश्नर ने लोगों जल्द ही इसका हल निकालने का विश्वास दिलाया और कहा कि गोरखपुर विकास प्राधिकरण से मुलाकात में इस मुद्दे पर ताजा अपडेट लेंगे। इस दौरान विमलेश त्रिपाठी, शशि रंजन पाण्डेय, जयकिशन, दयाराम , संतोष चौहान, कृष्णा शर्मा, भुनेश्वर नाथ, शशिभुषण, पूनम सिंह समेत काफी संख्या में परियोजना से प्रभावित लोग मौजूद रहे।
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परियोजना स्थल पर मिट्टी का काम जोरों पर
खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी परियोजना में मिट्टी संबंधी काम जोरों पर है। बड़ी संख्या में डम्पर से दिन रात मिट्टी गिराई जा रही है। काम की इस तेजी को देखते हुए विस्थापितों में भी बढ़े मुआवजे के साथ अधिग्रहण से बाहर किए गए मकानों के एवं जमीनों के मालिकाना हक की मांग भी जोर पकड़ने लगी हैं। सभी की मांग है कि लारा अदालत में चल रहे मामलों की तेजी से सुनवाई की जाए।