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Gorakhpur News: गोरखपुर विश्वविद्यालय में शोध की गुणवत्ता और नैतिकता पर हुआ मंथन
Sat, 17 Oct 2026 03:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 17 Oct 2026 03:23 AM IST
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षा शास्त्र विभाग में आईसीएसएसआर के सहयोग से आयोजित दस दिवसीय शोध पद्धति पाठ्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। सात से 16 अक्तूबर तक चले पाठ्यक्रम में शोधार्थियों और शिक्षकों को आधुनिक शोध पद्धतियों, डिजिटल उपकरणों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग की जानकारी दी गई। समापन समारोह में काशी नरेश हिंदू विश्वविद्यालय, भदोही की कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव ऑनलाइन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. रजवंत राव और प्रो. गोपाल नायक विशिष्ट अतिथि रहे। विशेषज्ञों ने शोध में मौलिकता, वस्तुनिष्ठता और अकादमिक ईमानदारी को जरूरी बताया। पाठ्यक्रम में गुणात्मक एवं मात्रात्मक अनुसंधान, सांख्यिकीय विश्लेषण, शोध नैतिकता, डिजिटल उपकरणों और भारतीय ज्ञान परंपरा पर व्याख्यान हुए।
प्रतिभागियों ने इसे शोध कौशल विकसित करने में उपयोगी बताया। पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने आयोजन की उपलब्धियां बताईं। संचालन डॉ. मीतू सिंह ने किया। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
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कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. रजवंत राव और प्रो. गोपाल नायक विशिष्ट अतिथि रहे। विशेषज्ञों ने शोध में मौलिकता, वस्तुनिष्ठता और अकादमिक ईमानदारी को जरूरी बताया। पाठ्यक्रम में गुणात्मक एवं मात्रात्मक अनुसंधान, सांख्यिकीय विश्लेषण, शोध नैतिकता, डिजिटल उपकरणों और भारतीय ज्ञान परंपरा पर व्याख्यान हुए।
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प्रतिभागियों ने इसे शोध कौशल विकसित करने में उपयोगी बताया। पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने आयोजन की उपलब्धियां बताईं। संचालन डॉ. मीतू सिंह ने किया। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
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