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Gorakhpur Crime: हिस्ट्रीशीटर दयाशंकर निषाद गिरफ्तार, पुलिस टीम पर हमला कर थानेदार को कर दिया था अधमरा
Fri, 26 Aug 2022 12:24 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 26 Aug 2022 12:24 PM IST
सार
वर्ष 2012 में एक मामले में दयाशंकर की गिरफ्तारी करने के लिए गई पुलिस टीम पर हमला किया गया था। तत्कालीन थानेदार पीके सिंह और उनकी टीम पर दयाशंकर, नंगा, दिलीप और कृष्णचन्द को हमले का आरोपी बनाया गया था। पीके सिंह कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती थे।
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हिस्ट्रीशीटर दयाशंकर निषाद गिरफ्तार।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर जिले के खोराबार थाने का हिस्ट्रीशीटर दयाशंकर निषाद बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ 2013 में दर्ज बलवा, एससी-एसटी एक्ट के मामले में न्यायालय ने वारंट जारी किया था।
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जानकारी के मुताबिक, खोराबार गांव निवासी दयाशंकर 2012 में पुलिस पर हमला करने के बाद सुर्खियों में आया था। आरोप था कि खोराबार के तत्कालीन थाना प्रभारी को पीटा गया था। इस हमले में थाना प्रभारी को गंभीर चोटें आई थीं। 2013 में गांव के छोटेलाल पासवान और उनके भाई जोखू पासवान से मारपीट का मामला भी खोराबार पुलिस ने दर्ज किया था।
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इसी मामले में न्यायालय में हाजिर नहीं हो रहा था। लिहाजा, गैर जमानती वारंट जारी हो गया। बृहस्पतिवार को पुलिस ने उसे सहारा इस्टेट के पास से गिरफ्तार कर लिया। एसएसआई संजय सिंह ने बताया कि पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
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पुलिस को चकमा देकर साथी फरार
इसी मामले में वांछित दिलीप निषाद पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। बताया जा रहा है कि उसे पहले ही पुलिस के आने की सूचना मिल गई थी। उसकी तलाश में पुलिस टीम लगी है।
पुलिस टीम पर किया था हमला
वर्ष 2012 में एक मामले में दयाशंकर की गिरफ्तारी करने के लिए गई पुलिस टीम पर हमला किया गया था। तत्कालीन थानेदार पीके सिंह और उनकी टीम पर दयाशंकर, नंगा, दिलीप और कृष्णचन्द को हमले का आरोपी बनाया गया था। पीके सिंह कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती थे।
पुलिस विभाग में कर चुका है नौकरी
खोराबार गांव निवासी दयाशंकर पुलिस विभाग में कांस्टेबल था। आरोप है कि महराजगंज , कुशीनगर में तैनाती के दौरान तस्करी में संलिप्तता मिली थी। कुशीनगर में ड्यूटी के दौरान उसका हाईस्कूल का प्रमाणपत्र फर्जी मिला और इस दौरान उसने बीमारी का हवाला देकर सेवानिवृत्त ले लिया। खोराबार में जमीन के कारोबार में कदम रखा, जहां उसने दर्जनों लोगों से फर्जी तरीके से जमीन अपने नाम लिखवा लिया। आज भी उसके अगल बगल बाहरी लोग जमीन तो ले लिए, लेकिन किसी ने अपना आशियाना नहीं बना पाया।
पुलिस टीम पर किया था हमला
वर्ष 2012 में एक मामले में दयाशंकर की गिरफ्तारी करने के लिए गई पुलिस टीम पर हमला किया गया था। तत्कालीन थानेदार पीके सिंह और उनकी टीम पर दयाशंकर, नंगा, दिलीप और कृष्णचन्द को हमले का आरोपी बनाया गया था। पीके सिंह कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती थे।
पुलिस विभाग में कर चुका है नौकरी
खोराबार गांव निवासी दयाशंकर पुलिस विभाग में कांस्टेबल था। आरोप है कि महराजगंज , कुशीनगर में तैनाती के दौरान तस्करी में संलिप्तता मिली थी। कुशीनगर में ड्यूटी के दौरान उसका हाईस्कूल का प्रमाणपत्र फर्जी मिला और इस दौरान उसने बीमारी का हवाला देकर सेवानिवृत्त ले लिया। खोराबार में जमीन के कारोबार में कदम रखा, जहां उसने दर्जनों लोगों से फर्जी तरीके से जमीन अपने नाम लिखवा लिया। आज भी उसके अगल बगल बाहरी लोग जमीन तो ले लिए, लेकिन किसी ने अपना आशियाना नहीं बना पाया।