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Gorakhpur News: कस्तूरबा में वार्डन की दोबारा तैनाती पर भड़कीं छात्राएं, 12 ने विद्यालय छोड़ा
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खजनी क्षेत्र के कस्तूरबा बालिका विद्यालय में छात्राओं के विरोध के पहुंचे अभिभावक। संवाद
खजनी क्षेत्र में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय उसवा बाबू का मामला
हटाई गईं वार्डन की दोबारा तैनाती से नाराज हैं छात्राएं
संवाद न्यूज एजेंसी
उनवल (गोरखपुर)। खजनी क्षेत्र में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय उसवा बाबू में सोमवार को उस समय हंगामा मच गया जब वार्डन अर्चना पांडेय तैनाती के लिए बीईओ के साथ विद्यालय पहुंचीं। वह कोर्ट के आदेश पर कार्यभार ग्रहण करने पहुंची थीं। छात्राओं ने वार्डन का विरोध शुरू कर दिया। हंगामा इतना बढ़ा कि अभिभावक भी मौके पर पहुंच गए। बीईओ सावन दुबे ने अभिभावकों के साथ बैठक कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया। आखिरकार वार्डन की तैनाती करा दी गई। बीईओ के मुताबिक, 12 छात्राओं को लेकर उनके अभिभावक विद्यालय से चले गए।
सोमवार को जब जिला समन्वयक (डीसी) बालिका पंकज सिंह और खंड शिक्षा अधिकारी सावन दुबे हटाई गईं वार्डन अर्चना पांडेय को लेकर विद्यालय पहुंचे। छात्राओं ने वार्डन का विरोध कराना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्डन अर्चना के रहते वे मानसिक रूप से सुरक्षित महसूस नहीं करतीं। मामला बढ़ा तो अभिभावक भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ने भी हटाए गए वार्डेन की तैनाती पर एतराज जताया। अभिभावकों ने इसे अपनी बेटियों के भविष्य और स्वाभिमान से जुड़ा मुद्दा बताया।
दरअसल कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 8 अप्रैल 2024 को वार्डन अर्चना पांडेय पर छात्राओं को पीटने का आरोप लगा था। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने वार्डन को निलंबित कर दिया। इसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय इलाहाबाद का दरवाजा खटखटाया, जहां से उन्हें बहाली का आदेश मिला। हालांकि, जब पहली बार इस आदेश का पालन करते हुए उन्हें स्कूल में कार्यभार ग्रहण करने के लिए भेजा गया, तब भी छात्राओं और अभिभावकों के विरोध के चलते उन्हें लौटना पड़ा। इस पर वार्डन ने अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना की याचिका दायर कर दी। इसी याचिका पर सोमवार को अदालत से दोबारा सख्त निर्देश मिलने के बाद अधिकारी दूसरी बार कार्यभार ग्रहण कराने पहुंचे।
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इस दौरान बीईओ ने अभिभावकों के साथ बैठक कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया और स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश का पालन करना अनिवार्य है। इस पूरे प्रकरण की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। वहीं, अभिभावकों ने कहा कि जब तक विवादित वार्डन नहीं हटेगी, उनकी बेटियां इस विद्यालय में पढ़ने नहीं आएंगी।
वर्जन
निलंबित वार्डन अर्चना पांडेय को कार्यभार ग्रहण कराने के लिए विद्यालय पहुंचे थे तभी परिसर में छात्राओं ने विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। छात्राओं ने आरोप लगाया कि वार्डन के रहते वे खुद को मानसिक रूप से असुरक्षित महसूस करती हैं, जबकि अभिभावकों ने इसे अपने बच्चों के भविष्य और सम्मान का मामला बताया। दोनों को समझाया गया, उसके बाद वार्डन को कार्यभार ग्रहण कराया गया। करीब 12 छात्राओं को अभिभावक विद्यालय से लेकर चले गए। उनसे भी संपर्क किया जा रहा है।
- सावन दुबे, खंड शिक्षा अधिकारी, खजनी
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हटाई गईं वार्डन की दोबारा तैनाती से नाराज हैं छात्राएं
संवाद न्यूज एजेंसी
उनवल (गोरखपुर)। खजनी क्षेत्र में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय उसवा बाबू में सोमवार को उस समय हंगामा मच गया जब वार्डन अर्चना पांडेय तैनाती के लिए बीईओ के साथ विद्यालय पहुंचीं। वह कोर्ट के आदेश पर कार्यभार ग्रहण करने पहुंची थीं। छात्राओं ने वार्डन का विरोध शुरू कर दिया। हंगामा इतना बढ़ा कि अभिभावक भी मौके पर पहुंच गए। बीईओ सावन दुबे ने अभिभावकों के साथ बैठक कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया। आखिरकार वार्डन की तैनाती करा दी गई। बीईओ के मुताबिक, 12 छात्राओं को लेकर उनके अभिभावक विद्यालय से चले गए।
सोमवार को जब जिला समन्वयक (डीसी) बालिका पंकज सिंह और खंड शिक्षा अधिकारी सावन दुबे हटाई गईं वार्डन अर्चना पांडेय को लेकर विद्यालय पहुंचे। छात्राओं ने वार्डन का विरोध कराना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्डन अर्चना के रहते वे मानसिक रूप से सुरक्षित महसूस नहीं करतीं। मामला बढ़ा तो अभिभावक भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ने भी हटाए गए वार्डेन की तैनाती पर एतराज जताया। अभिभावकों ने इसे अपनी बेटियों के भविष्य और स्वाभिमान से जुड़ा मुद्दा बताया।
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दरअसल कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 8 अप्रैल 2024 को वार्डन अर्चना पांडेय पर छात्राओं को पीटने का आरोप लगा था। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने वार्डन को निलंबित कर दिया। इसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय इलाहाबाद का दरवाजा खटखटाया, जहां से उन्हें बहाली का आदेश मिला। हालांकि, जब पहली बार इस आदेश का पालन करते हुए उन्हें स्कूल में कार्यभार ग्रहण करने के लिए भेजा गया, तब भी छात्राओं और अभिभावकों के विरोध के चलते उन्हें लौटना पड़ा। इस पर वार्डन ने अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना की याचिका दायर कर दी। इसी याचिका पर सोमवार को अदालत से दोबारा सख्त निर्देश मिलने के बाद अधिकारी दूसरी बार कार्यभार ग्रहण कराने पहुंचे।
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इस दौरान बीईओ ने अभिभावकों के साथ बैठक कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया और स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश का पालन करना अनिवार्य है। इस पूरे प्रकरण की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। वहीं, अभिभावकों ने कहा कि जब तक विवादित वार्डन नहीं हटेगी, उनकी बेटियां इस विद्यालय में पढ़ने नहीं आएंगी।
वर्जन
निलंबित वार्डन अर्चना पांडेय को कार्यभार ग्रहण कराने के लिए विद्यालय पहुंचे थे तभी परिसर में छात्राओं ने विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। छात्राओं ने आरोप लगाया कि वार्डन के रहते वे खुद को मानसिक रूप से असुरक्षित महसूस करती हैं, जबकि अभिभावकों ने इसे अपने बच्चों के भविष्य और सम्मान का मामला बताया। दोनों को समझाया गया, उसके बाद वार्डन को कार्यभार ग्रहण कराया गया। करीब 12 छात्राओं को अभिभावक विद्यालय से लेकर चले गए। उनसे भी संपर्क किया जा रहा है।
- सावन दुबे, खंड शिक्षा अधिकारी, खजनी