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यूपी: यहां नौ शिक्षकों ने की जेंडर बदलने की मांग, वजह जान लें

Sun, 30 Aug 2020 06:37 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 30 Aug 2020 06:37 PM IST
सार

  • 35 शिक्षिकाओं के समयोजन को शासन ने दी हरी झंडी
  • छह उर्दू शिक्षिकाओं समेत नौ पुरुष शिक्षकों की नौकरी जानी तय

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Kasturba Gandhi Girls School nine teachers demanded change of gender due to Government job appointment
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर शासन की ओर से निर्धारित नए मानकों के मुताबिक गोरखपुर जिले के 51 शिक्षकों में से 35 शिक्षिकाओं की नौकरी को सरकार ने बहाल कर दिया है। मगर उर्दू के छह शिक्षिकाओं के समायोजन पर रोक के फैसले को बरकरार रखा है।
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शासन स्तर से इस फैसले के पीछे तर्क दिया जा रहा है जिस ब्लॉक में 20 फीसदी मुस्लिम आबादी नहीं है। वहां इन शिक्षिकाओं से शिक्षण कार्य नहीं लिया जा रहा है। जबकि ये शिक्षिकाएं अरसे से इन विद्यालयों में अध्यापन कार्य कर रही हैं।
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इसके साथ नौ पुरुष शिक्षकों को भी नौकरी से बाहर किया जा रहा है। शिक्षकों का आरोप है कि वो 12 वर्षों से इन विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 40 से 45 वर्ष की आयु में अचानक विद्यालय से बाहर किए जाने का फैसला असंगत है। सरकार चाहे तो हम लोगों का लिंग परिवर्तन ही करा दें।
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25 अगस्त को सीडीओ कार्यालय पर किया प्रदर्शन

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष देश दीपक दूबे ने कहा कि राज्य परियोजना द्वारा जुलाई में एक आदेश पारित कर कहा गया है कि कस्तूरबा विद्यालय में गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी विषय की फुल टाइम शिक्षिकाएं ही पढ़ाएंगी। जबकि अभी तक जो चयन हुआ है उसमें पूर्णकालिक व अंशकालिक शिक्षिक ही गत बारह वर्षों से पढ़ाते रहे हैं।

परियोजना द्वारा यह भी कहा गया है कि अंशकालिक शिक्षिकाएं सिर्फ कंप्यूटर, गृह विज्ञान व कला ही पढ़ाएंगी। इस समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है, मगर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि जिले के हर ब्लॉक में मौजूद कस्तूरबा बालिका विद्यालय में कार्यरत 21 पार्ट टाइम, 21 फूल टाइम शिक्षिकाओं के साथ तीन वार्डेन और उर्दू की छह शिक्षिकाओं की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। इन शिक्षिकाओं ने मंगलवार को सीडीओ से न्याय की गुहार लगाई थी। शासन ने मामले का संज्ञान लेकर महिला शिक्षकों को समायोजित करने का फैसला लिया।

35 महिलाओं को समायोजित कर लिया गया। मगर 6 उर्दू की महिला शिक्षकों और नौ पुरुष शिक्षकों को बाहर करने के फैसले पर सरकार का अड़ियल रवैया जारी है।
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