गोरखपुर BRD की घटना: जूनियर डॉक्टरों ने मरीज को कमरे में बंद कर लात और जूतों से पीटा, पत्नी को दिया धक्का
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि मरीज जहर खुरानी का शिकार था। डॉक्टर ने दो दिन निगरानी में रहने की सलाह दी थी। सुबह वह जिद करने लगा। उसके साथ मारपीट का मामला नहीं होना चाहिए था। मारपीट के मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विस्तार
गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर जूनियर डॉक्टरों का आतंक सामने आया है। बृहस्पतिवार को मरीज को उसकी पत्नी के सामने बंद कमरे में लात, जूतों और बेल्ट से पिटाई की गई। विरोध करने पर मरीज की पत्नी को भी धक्का दे दिया।
वीडियो बना रही पत्नी का मोबाइल फोन छीनकर जबरन वीडियो डिलीट करा दिया। किसी तरह पत्नी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस पीड़ित को कॉलेज से बाहर लेकर आई, तब जाकर मरीज की जान बच सकी। पीड़ित परिजनों ने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, देवरिया जिले के बरहज थाना क्षेत्र के कपरवार निवासी संदीप सिंह (35) कुशीनगर जिले के डीपीआरओ ऑफिस में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत हैं। बुधवार रात पेट में संक्रमण के कारण तबीयत बिगड़ गई। परिजन जिला अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टरों ने बीआरडी मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया।
मेडिकल काॅलेज के मेडिसिन वार्ड नंबर-11 के बेड नंबर 65 पर देर रात उन्हें भर्ती किया गया। मरीज के साथ उनकी पत्नी अंकिता सिंह भी थीं। बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे मरीज ने जूनियर डॉक्टर से डिस्चार्ज करने की बात कही तो मना कर दिया। इस पर अंकिता सिंह ने डिस्चार्ज के लिए निवेदन किया तो जूनियर डॉक्टर ने अपशब्द का प्रयोग करते हुए गाली दी।
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एक गलती पर एक बेल्ट और एक लात मारते
अंकिता और उनके पति संदीप ने जब विरोध किया तो जूनियर डॉक्टर आग बबूला हो गए। मौके पर मौजूद जूनियर डॉक्टरों ने अन्य साथियों को बुलाकर संदीप को ड्यूटी रूम में ले जाकर बंद कर दिया। इसके बाद आधा दर्जन से अधिक जूनियर डॉक्टर कमरे में पहुंचकर लात, जूतों और बेल्ट से मारना शुरू कर दिया। अंकिता सिंह का आरोप है कि पति को कमरे में तब तक मारते रहे, जब तक वह अधमरा नहीं हो गए।
अंकिता ने बताया कि मारने के बाद मन नहीं भरा तो एक सादे कागज पर धमका कर अपने पक्ष में बात लिखवाने लगे और जबरन हस्ताक्षर करवाने लगे। इस दौरान एक भी शब्द गलती हो जाता था तो एक बेल्ट और एक लात मारते थे। हाथ जोड़कर निवेदन करती रही, लेकिन जूनियर डॉक्टर नहीं माने।
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छीन लिया मोबाइल फोन और डिलीट कर दिया वीडियो
अंकिता ने बताया कि पति को मारने के बाद जब उन्हें घसीटकर कमरे में ले जा रहे थे तो वीडियो बना रही थी। इस पर एक जूनियर डॉक्टर ने मोबाइल छीन लिया और पति को भेजवाने की धमकी देकर मोबाइल का लॉक खुलवाए और वीडियो डिलीट करके मोबाइल को फार्मेट मार दिया। सूचना पर पुलिस पहुंची तब जाकर जान बची। बताया जा रहा है कि अंकिता जेडीएस इंटरमीडिएट काॅलेज पड़रौना में शिक्षिका हैं।
पहले भी बीआरडी में हो चुकी हैं मारपीट की घटनाएं
29 अक्तूबर 2022 : पिपराइच के घनश्याम राजभर को जूनियर डॉक्टरों ने पीटा।
4 अगस्त 2022 : सिद्धार्थनगर के युवक की पिटाई की गई।
21 अगस्त 2021 : पिता की पिटाई का वीडियो बनाने पर जूनियर डॉक्टरों ने युवती को पीटा था।
25 जुलाई 2019 : मेडिसिन वार्ड नंबर 9 में रामदुलारे को जूनियर डॉक्टरों ने दौड़ाकर पीटा था।
12 मई 2019 : मेडिसिन विभाग में इलाज कराने आए आनंद कुमार चौरसिया की मौत हो गई थी। परिजनों ने एक बार जांच करने को कहा तो जूनियर डॉक्टरों ने पीटा।
22 अप्रैल 2019 : मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान अंशू की मौत हुई और परिजनों को जूनियरों ने पीटा।
06 दिसंबर 2019 : देवरिया के तीमारदार अजय की पिटाई की गई।
10 दिसंबर 2018 : सर्जरी वार्ड नंबर चार में भर्ती आकांक्षा के पिता कोमल को जूनियर डॉक्टरों ने पीटा।
12 सितंबर 2018 : मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन वार्ड में महिला को पीटा गया। वह देवरिया की रहने वाली थीं।
8 नवंबर 2016 : ट्रामा सेंटर में खुशबू के परिजनों को जूनियर डॉक्टरों ने पीटा था।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि मरीज जहर खुरानी का शिकार था। डॉक्टर ने दो दिन निगरानी में रहने की सलाह दी थी। सुबह वह जिद करने लगा। उसके साथ मारपीट का मामला नहीं होना चाहिए था। मारपीट के मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।