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Gorakhpur News: गोरखपुर में जेएमटी ने बार-बार बदला मीटर, सहायक अभियंता भी बेपरवाह

Thu, 29 Dec 2022 01:33 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 29 Dec 2022 01:33 PM IST
सार

बिजली निगम के बक्शीपुर खंड में बिलिंग और मीटर परीक्षण खंड की गड़बड़ी जांच के दायरे में आ गई है। चेयरमैन के निर्देश पर एमडी ने खंड द्वितीय बक्शीपुर में अगस्त-17 से अगस्त-19 के दौरान 600 कनेक्शनों के मीटर बदल कर बिल सुधार के लिए जांच टीम गठित कर दी है।

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JMT repeatedly changed meter in Gorakhpur assistant engineer also careless
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Istock

विस्तार

अधीक्षण अभियंता शहरी की जांच रिपोर्ट ने शहरी मीटर परीक्षण खंड के खेल को खोल कर रख दिया। उपभोक्ता के परिसर से जूनियर मीटर टेस्ट (जेएमटी) कृष्ण मोहन यादव और पंकज पासवान ने 2017 से लेकर 2022 के बीच में दो-दो बार मीटर को बदला था। इनमें पहले दोनों उतारे गए मीटर की टेस्ट रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराई गई। जबकि जिम्मेदार सहायक अभियंता( मीटर) ने भी कार्य की शिथिलता दिखाते हुए बिना लैब की रिपोर्ट भरे ही ये सब होने दिया। अधीक्षण अभियंता ने जांच के बाद सभी दोषियों के विरुद्ध विभागीय नियमानुसार कार्रवाई करने की संस्तुति की है।

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छह दिसंबर के अंक में अमर उजाला ने तीन साल में चार बार बदला गया मीटर, निगम के खंड आपस में उलझे शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया गया था कि 23 नवंबर को वितरण खंड के अधिशासी अभियंता अतुल रघुवंशी ने मीटर परीक्षण खंड के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखा। बताया कि उपभोक्ता नंद प्रसाद गुप्ता के परिसर में 7488222000 कनेक्शन संख्या से चार किलोवाट का बिजली कनेक्शन है।
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एलएमवी एक के 4 किलोवाट में इसे परिसर पर लगाया गया है। प्रार्थना पत्र के माध्यम से उपभोक्ता के परिसर से तीन वर्ष में तीन बार मीटर बदला गया। खबर का संज्ञान लेकर मुख्य अभियंता ने अधीक्षण अभियंता को निर्देशित कर पूरे मामले की जांच का जिम्मा सौंपा था। जांच में अधीक्षण अभियंता ने माना कि इनकी लापरवाही और कार्य की शिथिलता की वजह से विभाग को राजस्व की क्षति हुई है, इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
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इसी मामले में चल रही विशेष ऑडिट भी

बिजली निगम के बक्शीपुर खंड में बिलिंग और मीटर परीक्षण खंड की गड़बड़ी जांच के दायरे में आ गई है। चेयरमैन के निर्देश पर एमडी ने खंड द्वितीय बक्शीपुर में अगस्त-17 से अगस्त-19 के दौरान 600 कनेक्शनों के मीटर बदल कर बिल सुधार के लिए जांच टीम गठित कर दी है। चार लेखाकारों की टीम स्पेशल आडिट कर जांच कर रही है।

हालांकि, टीम को जांच कर एक महीने में रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन किन कारणों से जांच अभी तक शुरू भी नहीं हो सकी, ये टीम के सदस्य ही जानें। सूत्रों ने बताया कि जांच टीम ने अगर जांच शुरू की होती तो पूरी डिटेल में गड़बड़ी सामने आएगी। लेकिन, समय कम रहने पर कहीं खानापूर्ति के नाम पर जांच हुई तो मामला पुरानी जांचों की तरह रह सकता है।

मुख्य अभियंता आशु कालिया ने कहा कि ये मामले बेहद गंभीर है। अधीक्षण अभियंता की जांच रिपोर्ट शीर्ष प्रबंधन को भेजी जाएगी। मीटर परीक्षण खंड में बार-बार ऐसे मामलों का सामने आना बड़ी बात है। बिना सहायक अभियंता के लैब रिपोर्ट पर हस्ताक्षर किए ही, मीटर खंड में जमा करवाए ही बार-बार दूसरे मीटर उपभोक्ता के परिसर में लगता रहा। ऐसे तो उनकी पूरी कार्य प्रणाली ही सवालों के घेरे में है। टीम स्पेशल ऑडिट भी कर रही है।

 

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