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फोटो से राजफाश: सीता-गीता संग खिंचवाई तस्वीर ले डूबी... खुला प्रेम विवाह का राज; शिखा हत्याकांड जैसी है कहानी
Thu, 02 May 2024 03:01 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 02 May 2024 03:01 PM IST
सार
जिन दो बहनों को उनका भाई मरा समझ रहा था और गांव के एक युवक को उनका हत्यारा मानकर कोर्ट से आदेश कराकर केस दर्ज करवाया था, वे दोनों जिंदा मिली हैं। एक साल पहले घर से भाग कर उन्होंने अपने-अपने प्रेमी से शादी कर ली है।
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Sita and Geeta
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोरखपुर के बेलघाट क्षेत्र की दो युवतियों के लापता होने के बाद उनकी हत्या के आरोप का दंश झेल रहे गांव के जयनाथ मौर्य और उनका परिवार अब राहत महसूस कर रहा है। जयनाथ एक साल पहले हुई भूल को याद कर अब पछता रहा है। एक साल पहले जयनाथ दिल्ली गया था तो उसने सीता और गीता के साथ फोटो खिंचवाया था।
यही फोटो उसके खिलाफ केस का आधार बन गया। इसके बाद जयनाथ ने और नादानी कर दी। बताया जा रहा है कि वह इस फोटो को गांव में घूम-घूम कर लोगों को दिखाता था। जब दोनों बहनें लापता हुईं, तब अजय को पता चला कि जयनाथ के पास उसकी बहनों के फोटो हैं।
पुलिस ने कराया 164 का बयान
इसी आधार पर उसे वह आरोपी मान बैठा। गांव में अब माहौल यह है कि सीता-गीता के जिंदा वापस आने के बाद हत्या में आरोपी बना जयनाथ और उसका परिवार कुछ भी बोलने से बच रहा है। बेलघाट पुलिस ने सीता और गीता का सोमवार को ही कोर्ट में 164 का बयान भी कराया है।
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दोनों ने कोर्ट में बताया कि वे बालिग हैं, और स्वेच्छा से शादी की हैं। दोनों खुशी-खुशी अपने प्रेमी के साथ रह रही हैं। पुलिस ने बताया कि बहनों के बयान के बाद अब विवेचना में बहुत जल्द फाइनल रिपोर्ट भी लगा दी जाएगी।
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यही फोटो उसके खिलाफ केस का आधार बन गया। इसके बाद जयनाथ ने और नादानी कर दी। बताया जा रहा है कि वह इस फोटो को गांव में घूम-घूम कर लोगों को दिखाता था। जब दोनों बहनें लापता हुईं, तब अजय को पता चला कि जयनाथ के पास उसकी बहनों के फोटो हैं।
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पुलिस ने कराया 164 का बयान
इसी आधार पर उसे वह आरोपी मान बैठा। गांव में अब माहौल यह है कि सीता-गीता के जिंदा वापस आने के बाद हत्या में आरोपी बना जयनाथ और उसका परिवार कुछ भी बोलने से बच रहा है। बेलघाट पुलिस ने सीता और गीता का सोमवार को ही कोर्ट में 164 का बयान भी कराया है।
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दोनों ने कोर्ट में बताया कि वे बालिग हैं, और स्वेच्छा से शादी की हैं। दोनों खुशी-खुशी अपने प्रेमी के साथ रह रही हैं। पुलिस ने बताया कि बहनों के बयान के बाद अब विवेचना में बहुत जल्द फाइनल रिपोर्ट भी लगा दी जाएगी।
उधर, सीता-गीता का परिवार अब यह सोचकर परेशान है कि कहीं गलत एफआईआर कराने के चक्कर में उनके ऊपर भी कोई कार्रवाई न हो जाए।
पुलिस की पड़ताल में खुला राज
केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो चार माह बाद पता चला कि दोनों युवतियां जीवित हैं। पुलिस ने दोनों से मोबाइल फोन पर बात की। तब दोनों ने बताया उनका प्रेम संबंध उत्तराखंड और हरियाणा के युवकों से हो गया था। इसलिए दोनों ने घर से भागकर उनसे शादी कर ली थीं। पुलिस के बुलाने पर दोनों युवतियां बच्चों के साथ सोमवार को बेलघाट थाने पहुंचीं।
केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो चार माह बाद पता चला कि दोनों युवतियां जीवित हैं। पुलिस ने दोनों से मोबाइल फोन पर बात की। तब दोनों ने बताया उनका प्रेम संबंध उत्तराखंड और हरियाणा के युवकों से हो गया था। इसलिए दोनों ने घर से भागकर उनसे शादी कर ली थीं। पुलिस के बुलाने पर दोनों युवतियां बच्चों के साथ सोमवार को बेलघाट थाने पहुंचीं।
सीता और गीता ने दिया बयान
पुलिस को दिए बयान में सीता ने बताया- हरियाणा के भैइनी ठाकरान थाना भवानी खेड़ा निवासी विजेंदर से शादी कर उसके साथ रह रही हूं। मेरी पांच महीने की एक बेटी है। मैं यहां खुशी-खुशी रह रही हूं। गीता ने बताया-उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के ग्राम द्रमोली निवासी सुरेश राम से मेरी दोस्ती थी, घर से भागकर उससे शादी कर ली। तभी से उनके साथ रह रही हूं।
पुलिस को दिए बयान में सीता ने बताया- हरियाणा के भैइनी ठाकरान थाना भवानी खेड़ा निवासी विजेंदर से शादी कर उसके साथ रह रही हूं। मेरी पांच महीने की एक बेटी है। मैं यहां खुशी-खुशी रह रही हूं। गीता ने बताया-उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के ग्राम द्रमोली निवासी सुरेश राम से मेरी दोस्ती थी, घर से भागकर उससे शादी कर ली। तभी से उनके साथ रह रही हूं।
मेरी छह माह की एक बेटी है। सीता और गीता ने बताया कि उन्हें जब पता चला कि उनके भाई ने बहनों की हत्या करके लाश गायब कर देने का केस दर्ज कराया है, तब उन्होंने बेलघाट थाने पहुंचकर जीवित होने का प्रमाण दिया, ताकि कोई निर्दोष न फंसे।
शिखा दुबे हत्याकांड से मिलती जुलती है कहानी
सीता और गीता की कहानी वर्ष 2011 को हुए शिखा दुबे हत्याकांड से मिलती जुलती है। बात 11 जून 2011 की है। गोरखपुर के सिंघाड़िया में एक युवती की लाश मिली थी। उसकी कद काठी और उम्र से पता चला कि वह इंजीनियरिंग कॉलेज के कमलेशपुरम कॉलोनी इलाके से गायब युवती शिखा दुबे है। उसके पिता को बुलाया गया, घरवाले, रिश्तेदार भी जुटे, सबने माना लाश शिखा की ही है।
सीता और गीता की कहानी वर्ष 2011 को हुए शिखा दुबे हत्याकांड से मिलती जुलती है। बात 11 जून 2011 की है। गोरखपुर के सिंघाड़िया में एक युवती की लाश मिली थी। उसकी कद काठी और उम्र से पता चला कि वह इंजीनियरिंग कॉलेज के कमलेशपुरम कॉलोनी इलाके से गायब युवती शिखा दुबे है। उसके पिता को बुलाया गया, घरवाले, रिश्तेदार भी जुटे, सबने माना लाश शिखा की ही है।
इस दौरान पिता राम प्रकाश दुबे ने पड़ोसी दीपू पर हत्या की आशंका जताई और केस दर्ज करा दिया। पुलिस जांच करने पहुंची तो पता चला दीपू भी घर से गायब है। जांच के दौरान पुलिस को खबर मिली कि आरोपी दीपू सोनभद्र में है। सोनभद्र पहुंची पुलिस टीम के सामने हैरान करने वाला सच दिखा। वहां केवल दीपू ही नहीं शिखा भी मौजूद थी।
दोनों ने शिखा की कद काठी की एक पूजा नाम की महिला की हत्या कर उसे शिखा की पहचान दे दी। हत्या के बाद सबने पूजा की लाश का चेहरा धारदार हथियार से इस कदर बिगाड़ दिया कि चेहरे से असल की पहचान ना हो सके। फिर सिंघड़िया के पास लाकर शव को फेंक दिया गया था।