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प्यार पर पहरा:जेल में बंद 'आशिकों' से गर्लफ्रेंड की मुलाकात पर रोक, जानकर रह जाएंगे- 'रिश्तों' को इसलिए है छूट

Sun, 27 Oct 2024 01:04 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: रोहित सिंह Updated Sun, 27 Oct 2024 01:04 PM IST
सार

प्यार पर पहरा: पास्को एक्ट में जेल में बंद युवकों से मिलने वे युवतियां और नाबालिग लड़कियां पहुंच रही हैं, जिनकी तहरीर पर थाने में केस दर्ज किया गया। कई मामले में युवती के न चाहने पर भी घरवालों ने तहरीर देकर केस दर्ज करा दिया है। अब जेल में ऐसी मुलाकात पर रोक लगी दी गई है। अब, जेल में बंदियों को केवल उनकी मां, बहन, पत्नी व अन्य सगे रिश्तेदारों से आधार कार्ड और पहचान पत्र देखने के बाद ही मिलवाया जा रहा है।

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Jail management bans meeting of lovers in Gorakhpur Divisional Jail
गोरखपुर जिला कारागार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

जेल में अब पुरुष बंदियों की गर्लफ्रेंड (महिला दोस्त) से मुलाकात पर रोक लगा दी गई है। बंदी से मिलने आई गर्लफ्रेंड की तलाशी में कई बार मोबाइल व आपत्तिजनक सामान मिलने के बाद जेल प्रशासन ने यह फैसला लिया है। इसके साथ ही लड़की भगाने व दुष्कर्म के मामलों में जेल में बंद बंदियों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
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जेल में बंदियों को केवल उनकी मां, बहन, पत्नी व अन्य सगे रिश्तेदारों से आधार कार्ड और पहचान पत्र देखने के बाद ही मिलवाया जा रहा है। दरअसल, पास्को एक्ट में जेल में बंद युवकों से मिलने वे युवतियां और नाबालिग लड़कियां पहुंच रही हैं, जिनकी तहरीर पर थाने में केस दर्ज किया गया।
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कई मामले में युवती के न चाहने पर भी घरवालों ने तहरीर देकर केस दर्ज करा दिया है। ऐसे मामलों में युवतियां, आरोपियों के पक्ष में बयान दे रही हैं।  साथ ही जेल में मिलने भी लगातार पहुंच रही हैं। प्रेमी के कहने पर वे जोखिम लेकर आपत्तिजनक सामान लेकर भी पहुंच जाती हैं, इसलिए जेल प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू कर उनकी मुलाकात पर ही रोक लगा दी है।
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मोबाइल के साथ पकड़ी युवती बोली-प्रेमी से बात के लिए लाई
जिले के एक थाना क्षेत्र की युवती एक युवक के साथ भाग गई थी। घरवालों ने थाने में केस दर्ज कराया। तब पुलिस ने युवक को पकड़कर जेल भेज दिया। युवती को घरवालों को सौंप दिया, लेकिन युवती युवक के साथ रहने की जिद करती रही। जेल में बंद होने की वजह से युवक से बात नहीं हो पा रही थी।

इस पर वह जेल में अपने प्रेमी से मिलने गई। वहां तलाशी में उसके पास से मोबाइल मिला। इसके बाद वह रोने लगी। युवती ने बताया-मैं अपने प्रेमी से बात करने के लिए मोबाइल देने जा रही थी। पूछताछ के बाद जेल प्रशासन ने उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया था।


जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि पास्को एक्ट में बंद बंदियों से मिलने उनपर केस दर्ज कराने वाली युवतियां भी पहुंच रही हैं। उनके पास से आपत्तिजनक चीजें भी मिल रही हैं। इसलिए मुलाकात के समय आधार कार्ड देखकर ऐसे बंदियों के परिजनों से मिलवाया जा रहा है।
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