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गोरखपुर: चोरी के पुराने मामले में जेल, लूट में रिमांड ही नहीं भरा
Fri, 23 Sep 2022 05:29 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 23 Sep 2022 05:29 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर जिले के गुलरिहा इलाके के एक गांव में बुजुर्ग महिला से दुष्कर्म और लूट के मामले में पुलिस ने दो दिन बाद केस दर्ज किया था। पकड़े गए आरोपियों को पुलिस ने पुराने दर्ज चोरी के केस में बरामदगी दिखाकर जेल भेज दिया। दर्ज लूट के केस में पुलिस ने रिमांड भी नहीं भरा था, जबकि पुलिस चाहती तो दोनों मामलों में रिमांड भर सकती थी।
वहीं, पुलिस ने पहले महिला के बयान को भी नजर अंदाज कर दिया था। बाद में अफसरों के संज्ञान में मामला आने के बाद बयान के आधार पर दुष्कर्म की धारा बढ़ाई है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने कोर्ट में पीड़ित बुजुर्ग महिला का बयान दर्ज कराया।
पुलिस ने खुद माना है कि 18 सितंबर को बुजुर्ग महिला के साथ हुई घटना में 20 सितंबर को केस दर्ज किया गया। जबकि, आरोपी उसी रात में पकड़ लिए गए थे। पुलिस चाहती तो तत्काल महिला के बयान के आधार पर दुष्कर्म, लूट जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेजती, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया।
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पीड़िता को नरजअंदाज कर उसके बेटे से तहरीर ली गई, जो कि घटना के समय मौजूद ही नहीं था।पीड़िता टीनशेड के मकान में अकेले ही रहती थी। पीड़िता के बयान के बाद भी तहरीर लेकर तत्काल केस दर्ज करने की जहमत नहीं उठाई गई। दरअसल, पुलिस पूरे मामले को रफा-दफा करने में लगी थी।
मामला एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर और एसपी नार्थ मनोज अवस्थी के संज्ञान में आने के बाद ही गुलरिहा पुलिस हरकत में आई थी और केस दर्ज किया। अब मामला तूल पकड़ने के बाद प्रभारी निरीक्षक मनोज पांडेय यह दलील दे रहे हैं कि चोरी का केस पहले दर्ज था और आरोपियों के पास से बरामदगी हुई थी, इस वजह से उसी मामले में पहले जेल भेजा गया। लेकिन, पीड़िता केस दर्ज करने में देरी क्यों हुई और उस मामले में रिमांड क्यों नहीं भरा गया, इस पर पुलिस का यही तर्क है कि जल्द जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
अगर आरोपियों पर दो अलग-अलग केस दर्ज हैं तो पुलिस को दोनों मामले में रिमांड भरना चाहिए। अगर केस दर्ज हो तो लिखा-पढ़ी होने के बाद भी रिमांड भरा जा सकता है। -शिवपूजन, रिटायर्ड पुलिस अफसर
पीड़िता के बयान के आधार पर धारा बढ़ा ली गई है। पुलिस साक्ष्यों के साथ कोर्ट की कार्रवाई को पूरा कराएगी। मामले की जांच जारी है।- मनोज अवस्थी, एसपी नार्थ
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वहीं, पुलिस ने पहले महिला के बयान को भी नजर अंदाज कर दिया था। बाद में अफसरों के संज्ञान में मामला आने के बाद बयान के आधार पर दुष्कर्म की धारा बढ़ाई है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने कोर्ट में पीड़ित बुजुर्ग महिला का बयान दर्ज कराया।
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पुलिस ने खुद माना है कि 18 सितंबर को बुजुर्ग महिला के साथ हुई घटना में 20 सितंबर को केस दर्ज किया गया। जबकि, आरोपी उसी रात में पकड़ लिए गए थे। पुलिस चाहती तो तत्काल महिला के बयान के आधार पर दुष्कर्म, लूट जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेजती, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया।
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पीड़िता को नरजअंदाज कर उसके बेटे से तहरीर ली गई, जो कि घटना के समय मौजूद ही नहीं था।पीड़िता टीनशेड के मकान में अकेले ही रहती थी। पीड़िता के बयान के बाद भी तहरीर लेकर तत्काल केस दर्ज करने की जहमत नहीं उठाई गई। दरअसल, पुलिस पूरे मामले को रफा-दफा करने में लगी थी।
मामला एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर और एसपी नार्थ मनोज अवस्थी के संज्ञान में आने के बाद ही गुलरिहा पुलिस हरकत में आई थी और केस दर्ज किया। अब मामला तूल पकड़ने के बाद प्रभारी निरीक्षक मनोज पांडेय यह दलील दे रहे हैं कि चोरी का केस पहले दर्ज था और आरोपियों के पास से बरामदगी हुई थी, इस वजह से उसी मामले में पहले जेल भेजा गया। लेकिन, पीड़िता केस दर्ज करने में देरी क्यों हुई और उस मामले में रिमांड क्यों नहीं भरा गया, इस पर पुलिस का यही तर्क है कि जल्द जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
अगर आरोपियों पर दो अलग-अलग केस दर्ज हैं तो पुलिस को दोनों मामले में रिमांड भरना चाहिए। अगर केस दर्ज हो तो लिखा-पढ़ी होने के बाद भी रिमांड भरा जा सकता है। -शिवपूजन, रिटायर्ड पुलिस अफसर
पीड़िता के बयान के आधार पर धारा बढ़ा ली गई है। पुलिस साक्ष्यों के साथ कोर्ट की कार्रवाई को पूरा कराएगी। मामले की जांच जारी है।- मनोज अवस्थी, एसपी नार्थ