Gorakhpur Police: बच्चा गुम हो या सामान, मददगार हैं चौराहे का एलान
शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए आईटीएमएस की शुरुआत की गई। 21 चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे के साथ ही एनाउंस सिस्टम लागू किया गया। यह व्यवस्था जाम से निजात दिलाने में जहां मददगार साबित हुई तो वहीं, एसपी ट्रैफिक डॉ. एमपी सिंह ने एक नई पहल कर लोगों की भी मदद की।
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अपनों से बिछड़ा बच्चा हो या फिर एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाने का मामला, सब कुछ आईटीएमएस (इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) की मदद से संभव हो रहा है। पुलिस हर दिन आईटीएमएस के जरिए औसतन 10 लोगों की मदद कर रही है। कोई कीमती बैग ऑटो में छोड़ने के बाद तो कोई अपने जिगर के टुकड़े के गुम होने की फरियाद लिए आता है। आईटीएमएस कर्मी सबकी सुनने के साथ ही सक्रिय हो जाते हैं और फिर पुलिस की मदद से खोजकर सुपुर्द करते हैं।
जानकारी के मुताबिक, शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए आईटीएमएस की शुरुआत की गई। 21 चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे के साथ ही एनाउंस सिस्टम लागू किया गया। यह व्यवस्था जाम से निजात दिलाने में जहां मददगार साबित हुई तो वहीं, एसपी ट्रैफिक डॉ. एमपी सिंह ने एक नई पहल कर लोगों की भी मदद की। उनकी पहल पर गुम बैग, मोबाइल फोन या फिर गुमशुदा को खोजने की मुहिम शुरू की गई। जैसे ही जानकारी आती है, आईटीएमएस की मदद से एनाउंस कर पुलिस को सक्रिय कर दिया जाता है। लोगों से अपील की जाती है, लोग भी आगे आते हैं और सामान को पुलिस के हवाले कर देते हैं।
इस तरह ले सकते हैं मदद
- मदद के लिए आईटीएमएस कार्यालय के मोबाइल नंबर 8081208567 पर कॉल करें।
- फोन नहीं रहने पर सड़क किनारे लगे बाक्स में जाकर हेलो बोलिए। कुछ ही देर में आपको मदद मिल जाएगी। 21 चौराहों पर इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) के तहत इमरजेंसी बाक्स लगाए गए हैं। इन बाक्स में बोलने पर आवाज नगर निगम में बने कंट्रोल रूम में सुनाई देती है।
- इमरजेंसी बाक्स में लगे लाल बटन को दबाकर कोई भी व्यक्ति अपनी बात सीधे कंट्रोल रूम में पहुंचा सकता है। बटन दबाने के बाद जैसे ही संबंधित व्यक्ति कुछ बोलेगा, पूरी बात कंट्रोल रूम में सुनाई देने लगेगी। कंट्रोल रूम में बैठी महिला समस्या और जगह की जानकारी लेने के बाद तत्काल 112 नंबर पर फोन कर सहायता भेजेगी। यदि कोई हादसा हुआ है तो कंट्रोल रूम से एंबुलेंस की सहायता के लिए भी फोन किया जाएगा।
केस एक
16 अगस्त 2022 : बरगदवां चौराहे पर दो साल का एक बच्चा पुलिस को रोते-बिलखते मिला। ट्रैफिक सिपाही अजीत ने बच्चे से माता-पिता का नाम पूछा तो वह कुछ नहीं बता पाया। फिर उन्होंने आईटीएमएस की मदद से एनाउंस कराया। बच्चे का हुलिया व कपड़े बताए गए तो परेशान माता-पिता मिल गए। दो घंटे बाद ही बच्चे को सुपुर्द कर दिया। माता-पिता बरगदवां के ही रहने वाले थे। बच्चा घर से खेलते समय सड़क पर आ गया था।
केस दो
25 नवंबर 2022 : देवरिया के खुखुंदू थाना क्षेत्र के सठियांव निवासी विवेक त्रिपाठी 24 नवंबर को देवरिया से गोरखपुर आए थे। प्राइवेट बस से यूनिवर्सिटी चौराहे पर उतरे थे। इस दौरान उनका पिट्ठू बैग छूट गया। बैग में लैपटॉप व अन्य कीमती सामान मौजूद थे। बृहस्पतिवार रात आठ बजे वह यातायात कार्यालय में आए और इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने आईटीएमएस की मदद से एनाउंस किया और शुक्रवार को लैपटॉप सहित बैग मिल गया।
केस तीन
अक्तूबर 2022 : सिकरीगंज के पिपरा पांडेय गांव के पास सड़क हादसे में तीन युवक घायल हो गए। तीनों की हालत गंभीर थी। राहगीर अनिल अग्रहरि पहले प्राइवेट वाहन से पास के अस्पताल ले गए, लेकिन उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाने की जरूरत थी। अनिल ने तत्काल आईटीएमएस को इसकी जानकारी दी। नौसड़ से मेडिकल कॉलेज तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया और 13 किलोमीटर की दूरी आठ मिनट में तय की गई। समय से अस्पताल पहुंचने से तीनों की जान बच गई।
नवंबर की सफलता
गुमशुदा की तलाश 12
गुम बैग 98
गायब मोबाइल फोन 5
गायब लैपटॉप 7
एसपी ट्रैफिक डॉ. एमपी सिंह ने कहा कि आईटीएमएस के जरिए ट्रैफिक व्यवस्था के साथ ही लोगों की मदद भी की जा रही है। जैसे कि गुमशुदा व्यक्ति या फिर सामान की जानकारी होती है, उसे आईटीएमएस की मदद से एनाउंस किया जाता है। लोग भी आगे आते हैं और फिर पुलिस को सामान सुपुर्द कर देते हैं। उसके बाद जिसका सामान है, उसे लौटा दिया जाता है।