छात्रों का कमाल: बुराई के प्रतीक को जलाने के लिए एक कॉल ही काफी, यहां ऐसे होगा रावण दहन
मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष डॉ. विनीत राय के निर्देशन में बीटेक द्वितीय वर्ष की महिमा त्रिपाठी, नेहा लाठ, स्वास्तिका कुशवाहा, अंशिका त्रिपाठी, आर्या शुक्ला एवं उत्कर्ष दुबे ने मिलकर इस यंत्र को महज तीन दिनों में तैयार किया है।
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रावण के पुतले का दहन करने के लिए अब धनुष और बाण की जरूरत नहीं है। राम का चरित्र निभा रहा अभिनेता बस एक कॉल या एसएमएस करेगा और रावण का पुतला धू-धू कर जल उठेगा।
पढ़ने में थोड़ा अटपटा भले लग रहा हो लेकिन, यह सच है। इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (आईटीएम) गीडा के बीटेक के छह विद्यार्थियों ने एक ऐसा यंत्र तैयार किया है, जिससे यह संभव होगा। खास बात यह है कि पूरा यंत्र स्क्रैप से तैयार किया गया है।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष डॉ. विनीत राय के निर्देशन में बीटेक द्वितीय वर्ष की महिमा त्रिपाठी, नेहा लाठ, स्वास्तिका कुशवाहा, अंशिका त्रिपाठी, आर्या शुक्ला एवं उत्कर्ष दुबे ने मिलकर इस यंत्र को महज तीन दिनों में तैयार किया है।
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क्या-क्या होगा इस्तेमाल
डॉ. विनीत ने बताया कि इस यंत्र को बनाने के लिए एक एंड्राइड फोन, 9 वोल्ट की पुरानी बैटरी, एलईडी लाइट, हीटिंग प्लेट का इस्तेमाल किया गया हैं। यंत्र का इस्तेमाल करके एसएमएस या कॉल के माध्यम से रावण को जलाया जा सकता है। इस नवाचार के लिए आईटीएम के निदेशक प्रो. एनके सिंह ने छात्र-छात्राओं को बधाई दी है।
ऐसे काम करेगा यंत्र
पुतले में यंत्र लगाया जाएगा, जो मोबाइल से कनेक्ट रहेगा। कॉल या एसएमएस आने पर, डिवाइस में लगा सर्किट काम करने लगेगा और हीटिंग प्लेट को गर्म कर देगा। जो पुतले में लगे विस्फोटक पदार्थ को जला देगा। इस तकनीक से कहीं से भी पुतले का दहन किया जा सकता है।