{"_id":"659db03072946536d702b0dc","slug":"itm-students-made-bulletproof-jacket-gun-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-427818-2024-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: आईटीएम के छात्रों ने बनाई बुलेटप्रूफ जैकेट गन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: आईटीएम के छात्रों ने बनाई बुलेटप्रूफ जैकेट गन
Wed, 10 Jan 2024 05:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 10 Jan 2024 05:30 AM IST
विज्ञापन
आईटीएम गिड़ा बीटेक सेकेण्ड ईयर कंप्यूटर साइंस के तीन छात्र आलोक कुमार, अश्वनी सिंह, और अनुराग प
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर (वि.)। आईटीएम गीडा के बीटेक सेकेंड ईयर कंप्यूटर साइंस के छात्र आलोक कुमार, अश्वनी सिंह और अनुराग पांडेय ने मिलकर एक बुलेटप्रूफ जैकेट गन बनाई है। यह जैकेट पीछे से हमला करने वाले दुश्मन से जवानों की सुरक्षा करेगी। इस जैकेट के पीछे गन के दो बैरल लगे हैं और इसका ट्रिगर वायरलेस है। इसे किसी भी राइफल के ट्रिगर से अटैच कर जैकेट से फायरिंग कर सकते हैं। छात्र आलोक कुमार ने बताया कि जैकेट की एक खास बात यह है कि इसमें एक रेडियो पैनिक हेल्प बटन है जिसकी मदद से जरूरत पड़ने पर जवान कंट्रोल रूम में अपने साथियों तक सूचना भेज सकते हैं। अश्वनी सिंह ने बताया वायरलेस रिमोट की मदद से जैकेट को 200 मीटर दूर रखकर दुश्मन की नजर में आए बिना उनपर फायरिंग कर सकते हैं। अनुराग ने बताया कि प्रोजेक्ट को तैयार करने में 15 दिनों का समय लगा और 18000 रुपये का खर्च आया है। इसे बनाने में जैकेट, स्टील प्लेट, रेडियो कंट्रोलर, अलार्म, इंडीकेटर लाइट, वाईफाई कैमरे का इस्तेमाल किया गया है। संस्थान के निदेशक डॉ. एनके सिंह ने छात्रों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
क्लाइंट- आईटीएम
विज्ञापन
गोरखपुर (वि.)। आईटीएम गीडा के बीटेक सेकेंड ईयर कंप्यूटर साइंस के छात्र आलोक कुमार, अश्वनी सिंह और अनुराग पांडेय ने मिलकर एक बुलेटप्रूफ जैकेट गन बनाई है। यह जैकेट पीछे से हमला करने वाले दुश्मन से जवानों की सुरक्षा करेगी। इस जैकेट के पीछे गन के दो बैरल लगे हैं और इसका ट्रिगर वायरलेस है। इसे किसी भी राइफल के ट्रिगर से अटैच कर जैकेट से फायरिंग कर सकते हैं। छात्र आलोक कुमार ने बताया कि जैकेट की एक खास बात यह है कि इसमें एक रेडियो पैनिक हेल्प बटन है जिसकी मदद से जरूरत पड़ने पर जवान कंट्रोल रूम में अपने साथियों तक सूचना भेज सकते हैं। अश्वनी सिंह ने बताया वायरलेस रिमोट की मदद से जैकेट को 200 मीटर दूर रखकर दुश्मन की नजर में आए बिना उनपर फायरिंग कर सकते हैं। अनुराग ने बताया कि प्रोजेक्ट को तैयार करने में 15 दिनों का समय लगा और 18000 रुपये का खर्च आया है। इसे बनाने में जैकेट, स्टील प्लेट, रेडियो कंट्रोलर, अलार्म, इंडीकेटर लाइट, वाईफाई कैमरे का इस्तेमाल किया गया है। संस्थान के निदेशक डॉ. एनके सिंह ने छात्रों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
क्लाइंट- आईटीएम