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खुशखबर: इंडस्ट्री की मांग के मुताबिक तैयार होंगे आईटीआई प्रशिक्षु, दिलाया जाएगा विशेष प्रशिक्षण
Tue, 20 Apr 2021 03:34 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 20 Apr 2021 03:34 PM IST
सार
एमएसएमई से जुड़ी इकाइयों में 15 दिन का विशेष प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। युवाओं की कौशल क्षमता बढ़ेगी। उन्हें रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इंडस्ट्री की मांग के मुताबिक आईटीआई प्रशिक्षुओं को तैयार किया जाएगा। इसके अनुसार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की भूमिका बढ़ाई जाएगी। अब युवाओं को विशेष प्रशिक्षण दिलाने के लिए एमएसएमई से जुड़ी इकाइयों में कम से कम 15 दिनों की ट्रेनिंग भी दिलाई जाएगी। इस संबंध में राज्य कौशल विकास मिशन के निदेशक का आदेश गोरखपुर के राजकीय आईटीआई में पहुंच गया है।
आदेश के मुताबिक ट्रेनिंग के बिना कोर्स अधूरा माना जाएगा। इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इंडस्ट्री में 15 दिनों की ट्रेनिंग की व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित आईटीआई को करनी होगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था इसलिए की गई है कि जिससे उद्योगों में ट्रेनिंग करने के बाद छात्र इंडस्ट्री में होने वाले कार्यों को करीब से देख सकेंगे और इंडस्ट्री के हिसाब से उनका कौशल विकास हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि युवाओं में कौशल की दक्षता बढ़ाने के लिए प्रदेश भर की आईटीआई में पढ़ने वाले छात्रों को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम विभाग (एमएसएमई) से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान 15 दिनों की अनिवार्य ट्रेनिंग कराएगा। आईटीआई अपने स्तर पर तो छात्रों को ट्रेनिंग देता ही है, लेकिन अब उनको इंडस्ट्री से जोड़ने का काम भी किया जाएगा।
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आदेश के मुताबिक ट्रेनिंग के बिना कोर्स अधूरा माना जाएगा। इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इंडस्ट्री में 15 दिनों की ट्रेनिंग की व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित आईटीआई को करनी होगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था इसलिए की गई है कि जिससे उद्योगों में ट्रेनिंग करने के बाद छात्र इंडस्ट्री में होने वाले कार्यों को करीब से देख सकेंगे और इंडस्ट्री के हिसाब से उनका कौशल विकास हो सकेगा।
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उन्होंने बताया कि युवाओं में कौशल की दक्षता बढ़ाने के लिए प्रदेश भर की आईटीआई में पढ़ने वाले छात्रों को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम विभाग (एमएसएमई) से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान 15 दिनों की अनिवार्य ट्रेनिंग कराएगा। आईटीआई अपने स्तर पर तो छात्रों को ट्रेनिंग देता ही है, लेकिन अब उनको इंडस्ट्री से जोड़ने का काम भी किया जाएगा।
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हादसा हुआ तो दो लाख आर्थिक मदद भी देगी सरकार
कंपनियों में ट्रेनिंग लेने वाले छात्रों के जीवन की सुरक्षा के लिए भी सरकार ने खास ख्याल रखने की व्यवस्था की है। विभाग की ओर से ट्रेनिंग लेने के दौरान प्रत्येक छात्र का जहां दो लाख रुपये का बीमा कराया जाएगा, वहीं ट्रेनिंग के दौरान इंडस्ट्री में कोई हादसा होता है तो सरकार की ओर से छात्र को दो लाख रुपये की आर्थिक मदद भी दी जाएगी।
गोरखपुर के आठ राजकीय आईटीआई में अध्ययनरत हैं 4000 प्रशिक्षु
यूपी के 305 आईटीआई में 1.72 लाख छात्र व छात्राएं विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण ले रहे हैं। वहीं गोरखपुुर के आठ राजकीय आईटीआई में 4000 प्रशिक्षु ट्रेनिंग ले रहे हैं।
आईटीआई चरगांवा के प्रधानाचार्य सत्यकांत ने बताया कि आईटीआई प्रशिक्षुओं को एमएसएमई से जोड़कर 15 दिनों का प्रशिक्षण दिलाने की शुरुआत की जा चुकी है। इसका मकसद प्रशिक्षुओं को इंडस्ट्री की मांग के मुताबिक तैयार कराना है। इससे प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं को रोजगार की तलाश में दर-दर भटकना नहीं पड़ेगा।
गोरखपुर के आठ राजकीय आईटीआई में अध्ययनरत हैं 4000 प्रशिक्षु
यूपी के 305 आईटीआई में 1.72 लाख छात्र व छात्राएं विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण ले रहे हैं। वहीं गोरखपुुर के आठ राजकीय आईटीआई में 4000 प्रशिक्षु ट्रेनिंग ले रहे हैं।
आईटीआई चरगांवा के प्रधानाचार्य सत्यकांत ने बताया कि आईटीआई प्रशिक्षुओं को एमएसएमई से जोड़कर 15 दिनों का प्रशिक्षण दिलाने की शुरुआत की जा चुकी है। इसका मकसद प्रशिक्षुओं को इंडस्ट्री की मांग के मुताबिक तैयार कराना है। इससे प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं को रोजगार की तलाश में दर-दर भटकना नहीं पड़ेगा।