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Gorakhpur News: प्रधान और सचिव से 10.04 लाख की वसूली के आदेश
Tue, 11 Aug 2026 02:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 11 Aug 2026 02:46 AM IST
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चिल्लूपार/ बड़हलगंज। बड़हलगंज ब्लाॅक क्षेत्र की ग्राम पंचायत परसिया तिवारी में विकास कार्यों में मिली अनियमितता मिली है। मामले में जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान शांति देवी और तत्कालीन सचिव राहुल गुप्ता से 10,04,917 रुपये की वसूली का आदेश दिया है।
डीएम ने दोनों को दोषी मानते हुए अनियमित धनराशि का आधा-आधा हिस्सा ग्राम पंचायत के संबंधित खाते में 15 दिन के भीतर जमा करने का आदेश दिया है। निर्धारित अवधि में धनराशि जमा न करने पर भू-राजस्व की भांति आरसी जारी कर वसूली की जाएगी।
ग्राम पंचायत निवासी बृजेश तिवारी ने डीएम को शपथपत्र के साथ प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप था कि पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता और परफार्मेंस ग्रांट समेत विभिन्न निधियों में धन का दुरुपयोग किया गया है। शिकायत की जांच के लिए डीएम ने अक्तूबर 2024 में अधिशासी अभियंता, भू-गर्भ जल गोरखपुर के नेतृत्व में जांच समिति गठित की थी।
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अधिशासी अभियंता की ओर से फरवरी 2026 को इस संबंध में आख्या प्रस्तुत की गई। इसके बाद डीएम ने संयुक्त जांच आख्या प्रस्तुत की गई। इसके आधार पर फरवरी में ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। प्रधान के स्पष्टीकरण के सत्यापन के लिए 27 मई को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के नेतृत्व में समिति गठित की गई।
सत्यापन अधिकारी ने 18 जुलाई को संयुक्त सत्यापन आख्या प्रस्तुत की। इसमें ग्राम पंचायत में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों में कुल 10 लाख चार हजार 917 रुपये की अनियमितता पाए जाने का उल्लेख किया गया है।
जांच से असंतुष्ट शिकायतकर्ता, लीपापोती का आरोप
शिकायतकर्ता बृजेश तिवारी ने जांच और सत्यापन की कार्रवाई पर असंतोष जताया है। उन्होंने कहा है कि वह जांच से संतुष्ट नहीं हैं और उच्च न्यायालय में गुहार लगाकर न्याय की मांग करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच हो तो रिकवरी की धनराशि करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है।
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डीएम ने दोनों को दोषी मानते हुए अनियमित धनराशि का आधा-आधा हिस्सा ग्राम पंचायत के संबंधित खाते में 15 दिन के भीतर जमा करने का आदेश दिया है। निर्धारित अवधि में धनराशि जमा न करने पर भू-राजस्व की भांति आरसी जारी कर वसूली की जाएगी।
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ग्राम पंचायत निवासी बृजेश तिवारी ने डीएम को शपथपत्र के साथ प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप था कि पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता और परफार्मेंस ग्रांट समेत विभिन्न निधियों में धन का दुरुपयोग किया गया है। शिकायत की जांच के लिए डीएम ने अक्तूबर 2024 में अधिशासी अभियंता, भू-गर्भ जल गोरखपुर के नेतृत्व में जांच समिति गठित की थी।
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अधिशासी अभियंता की ओर से फरवरी 2026 को इस संबंध में आख्या प्रस्तुत की गई। इसके बाद डीएम ने संयुक्त जांच आख्या प्रस्तुत की गई। इसके आधार पर फरवरी में ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। प्रधान के स्पष्टीकरण के सत्यापन के लिए 27 मई को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के नेतृत्व में समिति गठित की गई।
सत्यापन अधिकारी ने 18 जुलाई को संयुक्त सत्यापन आख्या प्रस्तुत की। इसमें ग्राम पंचायत में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों में कुल 10 लाख चार हजार 917 रुपये की अनियमितता पाए जाने का उल्लेख किया गया है।
जांच से असंतुष्ट शिकायतकर्ता, लीपापोती का आरोप
शिकायतकर्ता बृजेश तिवारी ने जांच और सत्यापन की कार्रवाई पर असंतोष जताया है। उन्होंने कहा है कि वह जांच से संतुष्ट नहीं हैं और उच्च न्यायालय में गुहार लगाकर न्याय की मांग करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच हो तो रिकवरी की धनराशि करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है।