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BRD: मारपीट के मामलों में कार्रवाई न होने से बढ़ रहा मनोबल, मरीज की पिटाई के तीन माह बाद भी नहीं हुई जांच
Sat, 02 Sep 2023 05:02 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 02 Sep 2023 05:02 PM IST
सार
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में हुई एक घटना के संबंध में केस दर्ज था, जिसकी विवेचना पूरी कर रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। दूसरे की विवेचना चल रही है। घटना के लिए जो भी दोषी होंगे, उनकी रिपोर्ट कोर्ट को भेजी जाएगी।
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- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मरीजों के साथ होने वाली मारपीट की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह कि ऐसे मामलों में आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। मरीजों को ही अपना इलाज कहीं और कराना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन जांच समिति तो गठित कर देता है, लेकिन उसकी रिपोर्ट और कार्रवाई वहीं तक सीमित रहती है। एक जून को हुई घटना में पुलिस ने केस दर्ज किया, लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है।
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कुशीनगर के डीपीआरओ कार्यालय के कर्मचारी और देवरिया जिले के बरहज क्षेत्र के कपरवार निवासी संदीप सिंह 30 जून की रात में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराए गए थे। मेडिसिन वार्ड में इनका इलाज चल रहा था। अगले दिन उनके साथ मौजूद पत्नी अंकिता सिंह ने डॉक्टरों से पति को डिस्चार्ज कराने की बात कही।
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इस पर डॉक्टरों ने अपशब्द कहे। अंकिता ने आरोप लगाया था कि जूनियर डॉक्टरों ने उनके पति को कमरे में बंद कर तब तक पीटा, जब तक वह मरणासन्न नहीं हो गए। इसके बाद डॉक्टरों ने सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। उसने अपने मोबाइल पर इस घटना का वीडियो भी बनाया था, जिसे डॉक्टरों ने डिलीट करा दिया।
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इस मामले में बाद में गुलरिहा पुलिस ने अंकिता सिंह की तहरीर पर डॉ. अलका और 7-8 अज्ञात डॉक्टरों के खिलाफ मारपीट, बंधक बनाने और घुड़की-धमकी देने से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी प्रकरण को गंभीर मानते हुए जांच समिति गठित करने की बात कही, लेकिन इसके आगे क्या हुआ, यह किसी को नहीं पता। मेडिकल कॉलेज सूत्रों का कहना है कि तीन सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिस भी लटका रही है मामले को
केस दर्ज करने वाली पुलिस ने भी इस मामले में अब तक कोई खास जांच नहीं की है। जांच अधिकारी गुलरिहा थाने के सब इंस्पेक्टर पंकज कुमार सिंह का कहना है कि हमने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से तीन बार जूनियर डॉक्टरों की सूची मांगी, लेकिन वहां से कोई नाम नहीं मिल पाया है। अब मामले की जांच चल रही है। इससे पहले हुए एक अन्य मामले में जांच पूरी कर रिपोर्ट भेजी जा चुकी है।
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न्याय की आस में सीएम से मिल चुका है पीड़ित दंपती
डॉक्टरों की निर्मम पिटाई से घायल संदीप सिंह और घटना से आहत पत्नी अंकिता सिंह अपने एक रिश्तेदार के साथ गोरखनाथ मंदिर जाकर मुख्यमंत्री से भी मिल चुके हैं। जनता दरबार में पीड़ित पक्ष ने अपनी बात रखी तो मुख्यमंत्री ने भी न्याय का भरोसा दिलाया। हालांकि, अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से दंपती दुखी हैं। इनका कहना है कि इस मामले में एक डॉक्टर को निलंबित किए जाने की चर्चा हुई थी, लेकिन उसकी कोई लिखित जानकारी नहीं मिल पाई।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में हुई एक घटना के संबंध में केस दर्ज था, जिसकी विवेचना पूरी कर रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। दूसरे की विवेचना चल रही है। घटना के लिए जो भी दोषी होंगे, उनकी रिपोर्ट कोर्ट को भेजी जाएगी।
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न्याय की आस में सीएम से मिल चुका है पीड़ित दंपती
डॉक्टरों की निर्मम पिटाई से घायल संदीप सिंह और घटना से आहत पत्नी अंकिता सिंह अपने एक रिश्तेदार के साथ गोरखनाथ मंदिर जाकर मुख्यमंत्री से भी मिल चुके हैं। जनता दरबार में पीड़ित पक्ष ने अपनी बात रखी तो मुख्यमंत्री ने भी न्याय का भरोसा दिलाया। हालांकि, अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से दंपती दुखी हैं। इनका कहना है कि इस मामले में एक डॉक्टर को निलंबित किए जाने की चर्चा हुई थी, लेकिन उसकी कोई लिखित जानकारी नहीं मिल पाई।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में हुई एक घटना के संबंध में केस दर्ज था, जिसकी विवेचना पूरी कर रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। दूसरे की विवेचना चल रही है। घटना के लिए जो भी दोषी होंगे, उनकी रिपोर्ट कोर्ट को भेजी जाएगी।