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Gorakhpur News: एम्स के इमरजेंसी-आईपीडी में हुए विवाद की शुरू नहीं हो पाई जांच

Wed, 21 Aug 2024 05:35 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 21 Aug 2024 05:35 AM IST
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Investigation into AIIMS Emergency-IPD dispute could not be started
- जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल और कार्यकारी निदेशक की व्यस्तता को बताया जा रहा कारण
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एम्स के इमरजेंसी वार्ड में एक गर्भवती के घरवालों व डॉक्टरों में हुई मारपीट के मामले में अभी एम्स प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं गाइनी वार्ड में एक गर्भवती के परिजनों और सुरक्षा के लिए तैनात महिला गार्ड के बीच हुई कहासुनी के मामले में भी जांच नहीं हो पाई है। विशाखा कमेटी की रिपोर्ट अभी कार्यकारी निदेशक को नहीं मिली है।
बीते शुक्रवार की रात दिव्य नगर कालोनी की गर्भवती महिला को लेकर परिजन एम्स की इमरजेंसी में पहुंचे थे। वहां इलाज को लेकर पति विशाल प्रताप पासवान ने जूनियर डॉक्टर अल्ताफ से बात की। आरोप है कि डॉ. अल्ताफ ने इस दौरान विशाल को एक थप्पड़ मार दिया। इसका विरोध विशाल के साथ मौजूद उनके रिश्तेदार ने किया तो विवाद बढ़ गया। रिश्तेदार ने हंगामा शुरू किया तो जूनियर डॉक्टर ने इंटर्न और मेडिकल छात्रों को बुला लिया। उनके पहुंचने के बाद मारपीट शुरू हो गई। पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हो गया लेकिन गर्भवती को इमरजेंसी वार्ड में ही रोक लिया गया। उसका न तो तो इलाज किया गया, न ही डिस्चार्ज किया जा रहा था। चर्चा है कि इस मामले में एक केंद्रीय मंत्री के फोन के बाद भी डॉक्टर नहीं मान रहे थे।
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बाद में महिला के घरवाले किसी तरह से डिस्चार्ज कराकर उसे निजी अस्पताल ले गए। बताया जा रहा है कि मारपीट में डॉ. शशांक समेत दो डॉक्टर भी घायल हुए थे, जिन्होंने अपना इलाज कराया। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर एम्स थाने में तहरीर दी है। वहीं महिला के घरवालों ने भी पांच डॉक्टरों व एक कर्मचारी के खिलाफ तहरीर दी है। इस घटना की अभी तक एम्स प्रशासन की तरफ से जांच भी शुरू नहीं कराई गई है। जबकि, यह कहा जा रहा था कि कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल के सामने पूरा मामला रखा जाएगा और वे ही इस पर निर्णय लेंगे। एम्स के मीडिया प्रभारी डॉ. अरुप मोहंती ने बताया कि सोमवार को कार्डियोलॉजी विभाग के दिल्ली से आए डॉक्टर के साथ मीटिंग व निरीक्षण और मंगलवार को कई अन्य प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त होने के चलते कार्यकारी निदेशक के सामने अभी इस मामले को नहीं रखा गया है।
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महिला गार्ड का मामला भी है ठप
शनिवार रात में एम्स के गाइनी वार्ड की आईपीडी में एक महिला सुरक्षा गार्ड और संतकबीरनगर से आई गर्भवती के घरवालों के बीच कहासुनी हो गई थी। इसके बाद रविवार को भी महिला गार्ड और उसके घरवालों के बीच कहासुनी हुई। इस मामले की जांच विशाखा कमेटी को सौंपी गई है। अभी कमेटी अपनी जांच पूरी नहीं कर पाई है। महिला के घरवालों ने गार्ड पर वार्ड में जाने से रोकने और जबरन समझौते का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। इस मामले में भी अगली कार्रवाई कार्यकारी निदेशक के निर्णय पर टिकी है।
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