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खेल में बढ़ी रूची तो संवर गई तकदीर, युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है मनीष की सफलता
Tue, 11 Aug 2020 09:20 PM IST
Vikas Kumar
दीन दयाल शुक्ल, अमर उजाला, हरिहरपुर/संतकबीरनगर
दीन दयाल शुक्ल, अमर उजाला, हरिहरपुर/संतकबीरनगर
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 11 Aug 2020 09:20 PM IST
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मनीष त्रिपाठी
- फोटो : amar ujala
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खेल में मनीष की रूचि बढ़ी तो तकदीर संवर गई। अब तक वे स्वीडन, जॉर्जिया, पाकिस्तान, डेनमार्क, बैंकाक समेत करीब 25 अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर चुके हैं। हैंडबॉल खिलाड़ी मनीष त्रिपाठी को पिछले वर्ष सीआरपीएफ में एसआई पद पर नौकरी भी मिल गई। खेल में बेहतर प्रदर्शन और कठिन परिश्रम के चलते उन्हें यह मुकाम हासिल हुआ। वे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरे है।
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नगर पंचायत हरिहरपुर निवासी हैंडबॉल खिलाड़ी मनीष त्रिपाठी की माता स्नेहलता त्रिपाठी और पिता रघुनंदन त्रिपाठी एक प्राइवेट विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। मनीष त्रिपाठी बताते है कि बचपन से ही खेलकूद के प्रति उनका काफी लगाव था। उनकी जिज्ञासा को ध्यान में रखते हुए पिता ने उनका प्रवेश गोरखपुर के रीजनल स्पोर्ट स्टेडियम में कराया। फिर नेशनल रिपोर्ट स्टेडियम भिलाई में उन्हें दाखिला मिल गया। जहां से उनकी सफलता का सफरनामा शुरू हुआ।
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अब तक करीब 25 अंतर्राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष उन्हें सीआरपीएफ में एसआई पद पर नौकरी भी मिल गई। उन्होंने बताया कि उस दौरान घर की परिस्थितियं भी अनुकूल नहीं थी। फिर भी कठिन परिश्रम और लगन नें उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। छोटे भाई सतीष त्रिपाठी और माता-पिता उनकी सफलता पर बेहद प्रसन्न हैं। उन्होंने न केवल परिवार का वरन जनपद का नाम भी रोशन किया। क्षेत्र के युवाओं के लिए उनकी सफलता प्रेरणास्रोत भी है।
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