विश्व नृत्य दिवस: सात साल की तृषा के नृत्य को गोविंदा ने भी सराहा, कई एलबम में बिखेर चुकी हैं जादू
बशारतपुर क्षेत्र की रहने वाली तृषा मिश्रा की लगन को देखकर ही माता लक्ष्मी मिश्रा ने उसे नृत्य के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की ठानी। पति नीरज मिश्रा का सहयोग मिला तो लक्ष्मी ने खुद की नौकरी छोड़ दी और बिटियां को नृत्य के क्षेत्र में आगे बढ़ाने निकल पड़ीं।
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दो साल की उम्र में एक बच्चा बिना किसी मदद के सीधे खड़े होकर चल या दौड़ भी नहीं पाता है। उस उम्र में मशहूर अभिनेत्री माधुरी के गानों पर ही शहर की बिटिया तृषा ने थिरकना शुरू कर दिया था। आज, वह सजना म्यूजिक एलबम सहित भोजपुरी मूवी में भी अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर चुकी हैं। तृषा के प्रतिभा की सराहना बॉलीवुड कलाकार गोविंदा, रविकिशन, अखिलेंद्र मिश्रा, अभिनेत्री रानी मुखर्जी भी कर चुकीं हैं।
शहर के बशारतपुर क्षेत्र की रहने वाली तृषा मिश्रा की लगन को देखकर ही माता लक्ष्मी मिश्रा ने उसे नृत्य के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की ठानी। पति नीरज मिश्रा का सहयोग मिला तो लक्ष्मी ने खुद की नौकरी छोड़ दी और बिटियां को नृत्य के क्षेत्र में आगे बढ़ाने निकल पड़ीं। सात साल की उम्र में ही तृषा टीवी शो ‘मौका ए वारदात’ सहित कई म्यूजिक एलबम में काम कर चुकीं हैं। वह अब तक 50 सर्टिफिकेट, 60 ट्रॉफी और 100 मेडल प्राप्त कर चुकीं हैं।
वाराणसी घराने से सीखा नृत्य, आज निशुल्क देती हैं शिक्षा
शहर के रेलवे डेयरी कॉलोनी की रहने वाली स्मृति दत्ता ने बनारस घराने से नृत्य की शिक्षा ग्रहण की हैं। स्मृति की प्रतिभा को देखते हुए तत्कालीन शिक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें तीन वर्ष के लिए छात्रवृत्ति भी दी थी। इनके पिता गुरू प्रसाद वर्मा और माता प्रेमलता वर्मा दोनों मिलकर कत्थक कला केंद्र चलाते थे। उन्होंने अपने माता-पिता से ही नृत्य की शिक्षा ग्रहण की।
कई बार सांस्कृतिक कार्यों के लिए पुरस्कृत भी किया गया। नृत्य कोटा से ही इन्हें 1998 में पूर्वोत्तर रेलवे में नौकरी मिल गई और उनकी तैनाती गोरखपुर में हुई। वर्तमान में वह रेलवे में कार्यालय अधीक्षक पद पर कार्यरत हैं। ड्यूटी के बाद वह बच्चों को निशुल्क नृत्य भी सिखाती हैं।
शौक के तौर पर चुना, आज नृत्य ही मेरी जिंदगी
शहर के आर्यनगर के रहने वाले अखिलेश गुप्ता हाईस्कूल की परीक्षा पास करने के बाद डांस को करियर नहीं बल्कि शौक के तौर पर नृत्य के क्षेत्र को चुना तो उनके परिवार के लोग उनके खिलाफ हो गए। लेकिन, धीरे-धीरे नृत्य में अखिलेश का नाम होने लगा और उन्हें सफलता मिलनी शुरू हो गई तो घर वालों का भी साथ अखिलेश को मिल गया।
उन्होंने नृत्य की शिक्षा गुरु दुर्गेश गुप्ता से ग्रहण की। कई बड़े शो, बॉॅलीवुड में भी उन्होंने काम किया है। इसके लिए उन्हें यूपी का कोहिनूर अवार्ड, बेस्ट क्रिएटिव आर्टिस्ट अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है। वर्तमान में अखिलेश कार्मल गर्ल्स स्कूल में नृत्य टीचर के रूप में कार्यरत हैं। खुद की डांस एकेडमी भी चलाते हैं।