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अध्यात्म को प्राप्त करने का माध्यम है एकात्म मानव दर्शन : राम आशीष
Mon, 12 Feb 2024 03:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 12 Feb 2024 03:42 AM IST
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गोरखपुर विश्वविद्यालय के संवाद भवन पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ
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- डीडीयू के संवाद भवन में पंडित दीनदयाल की वैश्विक विचारधारा विषय पर आयोजित हुई संगोष्ठी
- पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित हुए कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ एवं भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के संयुक्त प्रावधान में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के मौके पर ‘पंडित दीनदयाल की वैश्विक विचारधारा’ विषयक संगोष्ठी का आयोजन हुआ।
रविवार को संवाद भवन में आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि राम आशीष प्रज्ञा प्रवाह ने कहा कि अध्यात्म एक अनुभूति है और उसे प्राप्त करने का माध्यम एकात्म मानव दर्शन है।पंडित दीनदयाल सर्व समाज के कल्याण की बात करते थे भारतीय दर्शन वैश्विक दर्शन है गांधी दर्शन में संपूर्ण भारती का दृष्टिगोचर होती है राष्ट्र की पहचान धर्म और संस्कृति से है। संस्कृति का विकास करना चाहिए।
जेएनयू के इतिहास अध्ययन के अध्यक्ष प्रो. हीरामन तिवारी ने दीनदयाल के मानव कल्याण पर प्रकाश डाला। संस्कार की मूल अवधारणा को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि स्मृति जन्म संस्कार होता है। एकात्मक का मूल उपनिषद है। अंत्योदय की अवधारणा भी एकात्मक को परिपुष्ट करती है। अध्यक्षीय उद्बोधन में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने पंडित दीनदयाल के विचारों को आज के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। सर्व समाज में समरसता के भाव को स्थापित करने में पंडित दीनदयाल का योगदान अप्रतिम है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर शांतनु रस्तोगी ने सभी का अभिनंदन करते हुए अपने विचार रखें।
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पंडित दीनदयाल की प्रतिमा पर किया लोकार्पण
फोटो
गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन स्थित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर सुबह माल्यार्पण किया गया। जिसमें कुलपति प्रो. पूनम टंडन, रामाशीष प्रज्ञा प्रवाह और इतिहास अध्ययन केंद्र जेएनयू के अध्यक्ष प्रो. हीरामन तिवारी ने माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी तथा कर्मचारी मौजूद रहे।
दीनदयाल के विचारों पर आधारित ऑडियो-विजुअल व्याख्यान रिलीज
पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उनके विचारों पर आधारित विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए ऑडियो-विजुअल व्याख्यानों को कुलपति प्रो. पूनम टंडन, मुख्य अतिथि राम आशीष प्रज्ञा प्रवाह एवं सारस्वत अतिथि जेएनयू के प्रो. हीरामन तिवारी द्वारा रिलीज किया गया।
- पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित हुए कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ एवं भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के संयुक्त प्रावधान में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के मौके पर ‘पंडित दीनदयाल की वैश्विक विचारधारा’ विषयक संगोष्ठी का आयोजन हुआ।
रविवार को संवाद भवन में आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि राम आशीष प्रज्ञा प्रवाह ने कहा कि अध्यात्म एक अनुभूति है और उसे प्राप्त करने का माध्यम एकात्म मानव दर्शन है।पंडित दीनदयाल सर्व समाज के कल्याण की बात करते थे भारतीय दर्शन वैश्विक दर्शन है गांधी दर्शन में संपूर्ण भारती का दृष्टिगोचर होती है राष्ट्र की पहचान धर्म और संस्कृति से है। संस्कृति का विकास करना चाहिए।
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जेएनयू के इतिहास अध्ययन के अध्यक्ष प्रो. हीरामन तिवारी ने दीनदयाल के मानव कल्याण पर प्रकाश डाला। संस्कार की मूल अवधारणा को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि स्मृति जन्म संस्कार होता है। एकात्मक का मूल उपनिषद है। अंत्योदय की अवधारणा भी एकात्मक को परिपुष्ट करती है। अध्यक्षीय उद्बोधन में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने पंडित दीनदयाल के विचारों को आज के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। सर्व समाज में समरसता के भाव को स्थापित करने में पंडित दीनदयाल का योगदान अप्रतिम है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर शांतनु रस्तोगी ने सभी का अभिनंदन करते हुए अपने विचार रखें।
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पंडित दीनदयाल की प्रतिमा पर किया लोकार्पण
फोटो
गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन स्थित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर सुबह माल्यार्पण किया गया। जिसमें कुलपति प्रो. पूनम टंडन, रामाशीष प्रज्ञा प्रवाह और इतिहास अध्ययन केंद्र जेएनयू के अध्यक्ष प्रो. हीरामन तिवारी ने माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी तथा कर्मचारी मौजूद रहे।
दीनदयाल के विचारों पर आधारित ऑडियो-विजुअल व्याख्यान रिलीज
पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उनके विचारों पर आधारित विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए ऑडियो-विजुअल व्याख्यानों को कुलपति प्रो. पूनम टंडन, मुख्य अतिथि राम आशीष प्रज्ञा प्रवाह एवं सारस्वत अतिथि जेएनयू के प्रो. हीरामन तिवारी द्वारा रिलीज किया गया।