फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Instructions issued from government to legalize already built buildings in new areas coming under GDA Master Plan 2031

गोरखपुर: पहले से बनी इमारतों को कराया जा सकेगा वैध, महायोजना 2031 लागू होने के पहले आवेदन देकर लेना होगा प्रमाणपत्र

Tue, 13 Jul 2021 11:40 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 13 Jul 2021 11:40 AM IST
सार

महायोजना लागू होने के बाद भी नहीं बदलेगा भूखंड का उपयोग। आवेदन करते समय जमा करने पड़ेंगे कुछ प्रमाणपत्र। 

विज्ञापन
Instructions issued from government to legalize already built buildings in new areas coming under GDA Master Plan 2031
गोरखपुर विकास प्राधिकरण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की महायोजना 2031 के तहत आने वाले नए क्षेत्रों में पहले से बने भवनों को वैध कराया जा सकेगा। इसे लेकर शासन से दिशानिर्देश जारी हो गया है। महायोजना लागू होने से पहले भवन मालिक को जीडीए में आवेदन देकर प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा। इस प्रमाण पत्र के प्राप्त होने के बाद भूखंड एवं भवन का पहले से हो रहा उपयोग, महायोजना लागू होने के बाद भी वही रहेगा। इसके लिए तय शुल्क भी जमा करना होगा जो कि बहुत अधिक नहीं होने की उम्मीद है। दरअसल महायोजना में बहुत से इलाकों के भूमि का उपयोग बदल जाता है, ऐसे में वहां हुए निर्माण अवैध हो जाते हैं। इस व्यवस्था से कई लोगों को काफी राहत मिलेगी।  
विज्ञापन


शासन की तरफ से  जारी इस दिशा-निर्देशों को पहले विकास प्राधिकरण के बोर्ड को अंगीकृत करना होगा, उसके बाद लोगों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। प्राधिकरण में इस समय 319 गांव जुड़ गए हैं। तैयार हो रही महायोजना 2031 में इन गांवों को भी शामिल किया जा रहा है।
विज्ञापन


महायोजना में इन गांवों के भूखंडों का भू- उपयोग भी तय होगा। इन क्षेत्रों में तमाम लोग भूखंड या भवन का किसी न किसी रूप में इस्तेमला कर रहे हैं। यदि इनके उपयोग को जारी रखने की अनुमति महायोजना जारी होने से पहले नहीं ली गई तो उसे अवैध माना जाएगा। मसलन यदि कोई  स्कूल, औद्योगिक इकाई या व्यावसायिक उपयोग कर रहा होगा और महायोजना में भू उपयोग इसके विपरीत आ जाएगा तो वह अपने भवन का पहले से किया जा रहा उपयोग जारी नहीं रख पाएगा। इसी तरह आवासीय भवन वाली जगह यदि व्यावसायिक हो गई तो उसे भी समस्या का सामना करना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

आवेदन करते समय जमा करने पड़ेंगे कुछ प्रमाण पत्र

आवेदन करते समय  यह साबित करना जरूरी होगा कि महायोजना लागू होने से पहले से ही भवन या भूखंड का उपयोग हो रहा है। इसके लिए कुछ प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करने होंगे। इसके लिए पंजीकृत आर्किटेक्ट के जरिए तैयार भूमि या भवन की स्थिति का की-प्लान, साइट प्लान, स्थल पर विद्यमान भवन का मानचित्र, किसी सक्षम संस्था द्वारा मानचित्र पास हो तो उसकी प्रति, स्वामित्व प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

इसके अलावा नगर निगम या नगर पंचायत से जारी गृह कर, जल कर की रसीद या बिजली बिल प्रस्तुत किया जा सकता है। यदि भूमि या भवन का उपयोग प्रदूषण फैलाने वाले या संकटमय प्रकृति के उद्योग के रूप में हो रहा है तो पर्यावरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अग्निशमन या विद्युत सुरक्षा का अनापत्ति प्रमाण पत्र भी देना होगा।इस योजना के तहत भवन या भूमि को नियमित कराने के बाद उसके आंतरिक प्रारूप में बदलाव किया जा सकेगा।

बाहरी डिजाइन में परिवर्तन नहीं हो सकेगा। यदि भवन को ध्वस्त कर नया निर्माण कराया जाता है तो प्राधिकरण से मानचित्र पास कराना होगा। ग्रीन बेल्ट (पार्क, खुले स्थल) के अंतर्गत यदि पुराने उपयोग को अनुमति दी जाएगी तो उस जमीन के बराबर क्षेत्रफल को महायोजना में आरक्षित किया जाएगा।

 

भूखंडीय आवासीय एवं अन्य उपयोग के लिए पांच रुपये प्रति वर्ग मीटर, ग्रुप हाउसिंग के लिए 15 रुपये प्रतिवर्ग मीटर, व्यावसायिक, शापिंग कांप्लेक्स, शापिंग माल, सिनेमा, मल्टीप्लेक्स, मिश्रित, कार्यालय उपयोग के लिए 30 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से प्रोसेसिंग शुल्क देना होगा।
 
जीडीए उपाध्यक्ष आशीष कुमार ने बताया कि प्राधिकरण के तहत आने वाले विस्तारित क्षेत्र की भूमि एवं भवनों का पुराना उपयोग जारी रखने के लिए शासन की ओर से उपविधि 2021 जारी की गई है। इसे  अगली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड से अंगीकृत होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed