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Gorakhpur News: दरोगा का फरार साथी खोलेगा हवाला का राज, तलाश तेज

Mon, 29 Apr 2024 05:41 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 29 Apr 2024 05:41 AM IST
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Inspector's absconding partner will reveal the secret of hawala, search intensified
- व्यापारी का 50 लाख छीनने के मामले में जेल भेजे गए दरोगा का साथ है विशाल
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- विशाल तिवारी की तलाश में क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस दे रही दबिश
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। व्यापारी के 50 लाख रुपये छीनने के मामले में फरार चल रहे तीनों आरोपी घटना के 18 दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर है। हालांकि पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश देने का दावा कर रही है। पुलिस का सबसे अधिक जोर विशाल तिवारी के गिरफ्तारी पर है। पुलिस का मानना है कि विशाल के पकड़े जाने के बाद पूरे खेल का खुलासा हो सकता है। वह अपना मोबाइल बंद कर पत्नी का मोबाइल प्रयोग कर रहा था। पुलिस ने पत्नी का नंबर प्राप्त कर उसका लोकेशन ट्रैस करने में लगी थी। इसकी जानकारी होते ही उसने वह नंबर भी बंद कर दिया।

दरोगा आलोक सिंह के साथी प्रचंड प्रताप सिंह, मुकेश कुमार व विशाल तिवारी की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से एनबीडब्लू जारी है। यह तीनों गोरखनाथ क्षेत्र के राजेंद्रनगर के आसपास कॉलोनी के रहने वाले है। यह तीनों व्यापारी के मददगार बनकर चाैकी पर पहुंचे थे और मामला उजागर होने पर व्यापारी को जेल जाने का भय दिखाकर चुप कराया था। पुलिस उनकी तलाश में कुछ दिन पहले दबिश देने पहुंची थी। लेकिन वह घर पर नहीं मिले थे। इधर पुलिस ने अपना पूरा जोर विशाल तिवारी के दबोचने पर देना शुरू कर दिया है। पुलिस का मानना है कि जेल भेजे गए दरोगा आलोक सिंह ने जिस इंस्पेक्टर का नाम लिया था, विशाल उस इंस्पेक्टर का करीबी है। उसके पकड़े जाने पर इस पूरे मामले में इंस्पेक्टर की भूमिका के साथ इसमें कौन-कौन जुड़े है उससे पर्दा उठ सकेगा।
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जमानत के लिए दरोगा के सवालों का जवाब तलाश रहा अभियोजन

नौ अप्रैल को जेल भेजे गए दारोगा आलोक सिंह व उसके साथी प्रिंस श्रीवास्तव ने जमानत के लिए न्यायालय में अर्जी दी है। केस डायरी न पहुंचने की वजह से 26 अप्रैल को सुनवाई नहीं हो पायी। अब 30 अप्रैल को जमानत अर्जी पर होने वाली सुनवाई को लेकर अभियाेजन अपनी तैयारी में जुटा है। जमानत अर्जी में आलोक सिंह व प्रिंस श्रीवास्तव ने जो सवाल उठाएं हैं उसका जवाब तलाशा जा रहा है।
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यह है मामला:
बेनीगंज के लाला टोला में रहने वाले व्यापारी नवीन श्रीवास्तव तीन अप्रैल की सुबह अपने भाई गगन व भांजे के साथ बाइक से 50 लाख रुपये लेकर जा रहे थे।आरोप है कि इसी दौरान बेनीगंज चौकी पर बतौर प्रभारी तैनात रहे दारोगा आलोक सिंह ने उन्हें रोक लिया।जांच के नाम पर रुपये से भरा बैग ले लिया।तीन दिन तक भागदौड़ करने के बाद भी रुपये न मिलने पर नवीन ने घटना की जानकारी अधिकारियों को दी।जिसके बाद कोतवाली थाना पुलिस ने नौ अप्रैल को इस मामले में दारोगा आलोक सिंह उसके सहयोगी प्रिंस श्रीवास्तव व तीन अन्य के विरुद्ध चोरी,जालसाजी,धमकी देने और भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया।आलोक व प्रिंस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।मामला खुलने के बाद प्रचंड सिंह,विशाल तिवारी व मुकेश फरार हो गए जिनकी तलाश चल रही है।

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