Gorakhpur News: घर पहुंचा मासूम, गांव की एक महिला संदेह के घेरे में
पुलिस तलाश में जुटी थी कि इसी बीच सोमवार की देर शाम बंधे पर बच्चे को लावारिस हाल में बाइक सवार छोड़कर फरार हो गए। पुलिस की जांच में सामने आया है कि पड़ोस की रहने वाली एक बालिका ने ही बच्चे को बंधे पर ले जाकर बाइक सवारों को सौंप दिया था।
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गोरखपुर जिले के चिलुआताल इलाके के उतरासोत गांव से रविवार को लापता 19 महीने का मासूम सोमवार देर शाम घर पहुंच गया। पुलिस के जांच के घेरे में गांव की एक महिला है। उस महिला ने गायब बच्चे की मां से बच्चे को गोद लेने के लिए बातचीत की थी। आरोपी महिला को पुलिस हिरासत में लेने के चंद घंटे बाद ही बच्चे को बाइक सवार बंधे पर छोड़कर चले गए। खबर है कि गांव की एक 12 वर्षीय बच्ची ने ही मासूम को बाइक सवारों तक पहुंचाया था। पुलिस महिला और बालिका से पूछताछ कर बाइक सवारों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है। पुलिस अन्य चार लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, उतरासोत गांव निवासी मिश्री साहनी मजदूरी करके जीवन यापन करते हैं। रविवार को उनका 19 महीने का बच्चा अंकुर घर के बाहर खेल रहा था। काफी देर तक घर के अंदर नहीं आने पर मां बबीता ने उसकी तलाश शुरू की तो कुछ गांव वालों ने बताया कि अंकुर को कुछ बाइक सवार लेते गए हैं। मां ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
पुलिस तलाश में जुटी थी कि इसी बीच सोमवार की देर शाम बंधे पर बच्चे को लावारिस हाल में बाइक सवार छोड़कर फरार हो गए। पुलिस की जांच में सामने आया है कि पड़ोस की रहने वाली एक बालिका ने ही बच्चे को बंधे पर ले जाकर बाइक सवारों को सौंप दिया था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि गांव की एक महिला की बहन खजनी इलाके में रहती है। उसकी कोई संतान नहीं है।
उसी बहन के लिए महिला ने अंकुर की मां बबीता से बातचीत की थी और गोद देने के लिए कहा था। उसने बच्चे की अच्छी परवरिश का हवाला भी दिया था, लेकिन बबीता तैयार नहीं हुई थी। आशंका है कि इसके बाद महिला ने बच्चे को गायब कराया है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है। एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि बच्चा घर पहुंच गया है। पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
पहले भी उठाए गए बच्चे, लेकिन लौटकर नहीं आ सके
हालांकि, ये बच्चे फिर कहां भेजे जाते हैं, इस बारे में आरोपी महिला को जानकारी नहीं थी। कई नाम सामने आए थे, लेकिन आज तक पुलिस इस गिरोह का पर्दाफाश नहीं कर सकी। एक युवक बाद में पकड़ा गया, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। जानकारी के मुताबिक, मासूम बदमाशों के साॅफ्ट टारगेट होते हैं, यह सभी जानते हैं। कई बच्चे गायब हैं। लेकिन, पुलिस ने इसे कभी गंभीरता से लिया ही नहीं।
लिहाजा, सक्रिय गिरोह के गुर्गे आसानी से एक के बाद दूसरी वारदात को अंजाम दे रहे हैं। चिलुआताल इलाके से बच्चा चोरी की घटना हो या फिर कैंपियरगंज से गायब बच्चा। सभी मामलों में लंबा समय गुजर जाने के बाद भी पुलिस केस दर्ज कर हाथ पर हाथ धरे बैठी है। जब भी बच्चा चोरी के मामले में आरोपी पकड़े गए हैं तो इसके पीछे लोगों की सतर्कता ही सामने आई है। चाहे खजनी में पकड़ी गई महिला हो या फिर बेलीपार में पकड़े गए लोग। अगर, ग्रामीण सक्रिय न होते तो फिर बच्ची को बचा पाना संभव नहीं था।
पहले हुई घटनाएं
- 07 सितंबर 2022 : बेलीपार इलाके के महावीर छपरा में शिवांगी (7) को बोरे में भरकर तीन लोगों ने अपहरण की कोशिश की थी। गांववालों ने पकड़ा था। तब पुलिस ने आरोपी गोरेगांव के नवलपाड़ी, सियालमाड़ी निवासी मोहर अली, उसके बेअे हमीदुल और पत्नी सबीना को पकड़ा था। तीनों अमरूद मंडी के पास किराए पर रहते थे, लेकिन इसके बाद गिरोह का पता नहीं चल सका।
- 11 मई 2022 : चिलुआताल इलाके के महुआतार तिराहे पर ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले नरेश मांझी की पत्नी के गोद से बाइक सवार युवक-युवती एक महीने के बच्चे को लेकर फरार हो गए। सीसीटीवी कैमरे में घटना कैद भी हो गई थी, लेकिन आरोपी नहीं पकड़े गए।
- 13 जुलाई 2022 : कैंपियरगंज के डुमरिया गांव निवासी राजेश यादव का डेढ़ साल का बेटा सिद्धार्थ घर के बाहर से गायब हो गया था। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया था, लेकिन आज तक न तो बच्चा बरामद हो सका और न ही आरोपी पकड़े गए।
- 13 अगस्त 2022 : खजनी इलाके के वरपार वरगाह गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह के एक महीने के बच्चे को चोरी कर महिला भाग रही थी। उसे ग्रामीणों ने पकड़ लिया था। जबकि, उसके दो साथी मौके से बाइक लेकर फरार हो गए थे। एक युवक बाद में पकड़ा गया, लेकिन गिरोह का पर्दाफाश नहीं हो सका।