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Gorakhpur News: मासूम मीना की डूबने से हुई थी मौत, नहीं मिला अपहरण का साक्ष्य, पुलिस ने लगाई एफआर
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गोरखपुर। डीआर केमिकल चौराहे के पास 18 माह की मीना की मौत के मामले में गोरखनाथ पुलिस ने जांच पूरी कर अपहरण का साक्ष्य नहीं मिलने पर अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगा दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची की मौत डूबने से होने की पुष्टि हुई है। पुलिस की जांच में सामने आया कि खेलते समय गेंद नाले में चली गई थी। उसे लेने के दौरान मीना खुले नाले में गिर गई और पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई।
रामलखन की बेटी मीना शनिवार सुबह करीब आठ बजे अचानक लापता हो गई थी। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला तो पिता ने अनहोनी की आशंका जताते हुए गोरखनाथ थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने चार टीमें लगाकर बच्ची की तलाश शुरू की और आसपास के इलाके के साथ शहर में भी सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में बच्ची के झोपड़ी से बाहर जाने की जानकारी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने घर और आसपास के हिस्से में तलाश तेज की। नगर निगम की टीम की मदद से नाले की जांच कराई गई। करीब चार घंटे बाद बच्ची का शव उसकी झोपड़ी के पास नाले में मिला।
जांच में पता चला कि घटना से पहले बच्ची के चाचा अरुण कुमार ने उसे खेलने के लिए गेंद दी थी। खेलते समय गेंद नाले में चली गई। परिवार के मुताबिक, गेंद लेने के लिए मीना नाले के पास गई होगी और खुले हिस्से से नीचे गिर गई। उस समय परिवार के लोगों की नजर उस पर नहीं पड़ी। थाना प्रभारी विजय कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अपहरण की आशंका सही नहीं पाई गई। लिहाजा प्राथमिकी में अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई है।
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रामलखन की बेटी मीना शनिवार सुबह करीब आठ बजे अचानक लापता हो गई थी। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला तो पिता ने अनहोनी की आशंका जताते हुए गोरखनाथ थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने चार टीमें लगाकर बच्ची की तलाश शुरू की और आसपास के इलाके के साथ शहर में भी सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में बच्ची के झोपड़ी से बाहर जाने की जानकारी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने घर और आसपास के हिस्से में तलाश तेज की। नगर निगम की टीम की मदद से नाले की जांच कराई गई। करीब चार घंटे बाद बच्ची का शव उसकी झोपड़ी के पास नाले में मिला।
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जांच में पता चला कि घटना से पहले बच्ची के चाचा अरुण कुमार ने उसे खेलने के लिए गेंद दी थी। खेलते समय गेंद नाले में चली गई। परिवार के मुताबिक, गेंद लेने के लिए मीना नाले के पास गई होगी और खुले हिस्से से नीचे गिर गई। उस समय परिवार के लोगों की नजर उस पर नहीं पड़ी। थाना प्रभारी विजय कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अपहरण की आशंका सही नहीं पाई गई। लिहाजा प्राथमिकी में अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई है।
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