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Gorakhpur News: शासन को भेजी गई सिस्टर इंचार्ज जिंदा होने की सूचना
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शासन को भेजा गया ई-मेल, सुधार के बाद मिलेगा वेतन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जिला अस्पताल के सिस्टर इंचार्ज राजेंद्र शुक्ल जिंदा है। इसकी रिपोर्ट बुधवार को शासन को भेजी गई। मानव संपदा ने उन्हें मृत दर्शा दिया था। इस गलती के कारण उनका वेतन जारी नहीं हो पा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने इसमें सुधार की मांग करते हुए शासन को ई-मेल से सूचना दी है।
जिला अस्पताल में तैनात सिस्टर इंचार्ज राजेंद्र शुक्ला तबादले पर देवरिया मेडिकल कॉलेज से गोरखपुर आए। उन्होंने जुलाई माह में जिला अस्पताल में कार्यभार संभाल लिया। देवरिया मेडिकल कॉलेज से मानव संपदा का डाटा जिला अस्पताल और ट्रेजरी को अब मिला है। इस डाटा में सिस्टर इंचार्ज राजेंद्र शुक्ला को मृत बताया गया है। इस वजह से ट्रेजरी से उनके वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा है। मामला सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इसे संज्ञान लिया। उनके जीवित होने के संबंध में सूचना शासन को भेजी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जिला अस्पताल के सिस्टर इंचार्ज राजेंद्र शुक्ल जिंदा है। इसकी रिपोर्ट बुधवार को शासन को भेजी गई। मानव संपदा ने उन्हें मृत दर्शा दिया था। इस गलती के कारण उनका वेतन जारी नहीं हो पा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने इसमें सुधार की मांग करते हुए शासन को ई-मेल से सूचना दी है।
जिला अस्पताल में तैनात सिस्टर इंचार्ज राजेंद्र शुक्ला तबादले पर देवरिया मेडिकल कॉलेज से गोरखपुर आए। उन्होंने जुलाई माह में जिला अस्पताल में कार्यभार संभाल लिया। देवरिया मेडिकल कॉलेज से मानव संपदा का डाटा जिला अस्पताल और ट्रेजरी को अब मिला है। इस डाटा में सिस्टर इंचार्ज राजेंद्र शुक्ला को मृत बताया गया है। इस वजह से ट्रेजरी से उनके वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा है। मामला सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इसे संज्ञान लिया। उनके जीवित होने के संबंध में सूचना शासन को भेजी।
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