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31 साल से विकास के इंतजार में था उसका बाजार का औद्योगिक क्षेत्र, अब बदलेगी इसकी तकदीर

Tue, 29 Dec 2020 03:53 PM IST
vivek shukla विनोद कुमार तिवारी, देवरिया।
विनोद कुमार तिवारी, देवरिया। Published by: vivek shukla Updated Tue, 29 Dec 2020 03:53 PM IST
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Industries are closing down due to lack of infrastructure in industrial sector at deoria
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के अधीन 1989 में औद्योगिक क्षेत्र उसरा बाजार 148 एकड़ में स्थापित किया गया। इसके विकास के लिए दावे और वादे खूब किए जाते रहे, लेकिन 31 वर्ष में भी इसका पिछड़ापन दूर नहीं हो सका। जो इकाइयां लगीं, उसमें से 17 से अधिक इकाइयां एक के बाद एक बंद हो गईं, लेकिन अब कुछ उम्मीदें जगी हैं। यहां डिस्टलरी लगाने के लिए 26 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। जो 185 करोड़ की लागत से स्थापित होगी। जिसमें तकरीबन 500 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मुहैया होंगे।
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उसरा बाजार में वर्ष 1987 में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया गया। जहां दो वर्ष बाद 1989 में औद्योगिक भूखंड का आवंटन शुरू हुआ। 31 वर्ष में 46 इकाइयों की स्थापना की गई। जिसमें 17 इकाइयां एक के बाद एक बंद हो गईं। यहां न तो सुरक्षा का इंतजाम है, न ही नालियां, लाइट एवं सड़कें ही अच्छी हैं। सुनसान एवं आपराधिक दृष्टिकोण से संवेदनशील इलाका होने की वजह से कोई उद्यमी यहां पर उद्योग लगाने में संकोच करता है।
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कहने के लिए 100 भूखंडों का आवंटन किया गया, लेकिन उद्योग 46 लोग ही लगाए गए। इसमें 17 से अधिक उद्योग लगने के साथ ही बंद हो गए। जो चल रहे हैं, उसमें अधिकतर कागजों में ही संचालित है। मौके पर आठ से दस उद्योग ही संचालित हो रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने के लिए खास प्रयास भी नहीं हुआ। स्कूल, कालेज, पंप, गोदाम यहां स्थापित हो गए। हाल के दिनों में अब जागरूकता आई है। कई उद्यमी अब प्लांट लगाने के लिए आगे आने लगे हैं।
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डिस्टलरी में करीब 550 लोगों को मिलेगा रोजगार

शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर क्रियान्वित करने के लिए सीएम के निर्देश के बाद यूपीसीडा के अधिकारी सक्रिय हुए हैं। उसरा बाजार में 26 एकड़ भूमि फारएवर डिस्टलरी प्राइवेट लिमिटेड गुलरिया के नाम आवंटित की गई है। तीन वर्ष के अंदर यहां डिस्टलरी चालू हो जाएगी। जिसमें 550 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा मेसर्स देवरही साल्वेंट इक्सटैक्शन प्राइवेट लिमिटेड को इकाई स्थापित करने के लिए भूमि आवंटित की गई है।

स्ट्रीट लाइट एवं सड़कों पर खर्च होगा 1.35 करोड़
औद्योगिक क्षेत्र में सड़कों, नालियों और स्ट्रीट लाइट पर यूपीसीडा एक करोड़ 35 लाख रुपये खर्च करेगा। इसका प्राक्लन तैयार कर लिया गया है। उसरा बाजार में उद्यमी मेंटीनेंस चार्ज देने में आनाकानी करते हैं। समय से भुगतान नहीं होने की वजह से मरम्मत का कार्य रुका हुआ था।

खाली प्लाटों की होगी नीलामी

यूपीसीडा खाली प्लाटों का आवंटन नीलामी द्वारा करता है। तकरीबन दस प्लाटों के नीलामी की तैयारी में अधिकारी जुट गए हैं। इसमें एक पांच एकड़ के भूखंड की नीलामी सात जनवरी को होगी। इसके अलावा अन्य प्लाटों की नीलामी की कवायद में यूपीसीडा के अफसर जुट गए हैं। बता दें कि 1500 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर दर औद्योगिक क्षेत्र के भूखंडों का निर्धारित किया गया है।
 
गोरखपुर यूपीसीडा क्षेत्रीय प्रबंधक केएन श्रीवास्तव ने बताया कि उसरा बाजार में बंद उद्योगों को फिर से शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। यहां एक करोड़ 35 लाख रुपये सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट पर खर्च किया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में 185 करोड़ निवेश कर डिस्टलरी इकाई की स्थापना जल्द हो जाएगी। 26 एकड़ इसके लिए भूमि आवंटित की गई है।
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