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पश्चिमी देशों की तुलना में सस्ती है भारतीय शिक्षा, विदेशों से विद्यार्थी पढ़ने आ रहे: डॉ अतुल

Tue, 30 May 2023 01:34 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 30 May 2023 01:34 AM IST
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Indian education is cheaper than western countries, students from abroad are coming to study: Dr. Atul
पश्चिमी देशों की तुलना में सस्ती है भारतीय शिक्षा, विदेशों से विद्यार्थी पढ़ने आ रहे: डॉ अतुल
बोले शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ अतुल-भारतीय विश्वविद्यालय व विद्यार्थी बनें स्वावलंबी
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन विषयक दो दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन
अमर उजाला ब्यूरो

गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ''''राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रियान्वयन'''' विषयक दो दिवसीय कार्यशाला का सोमवार को समापन हो गया। इस दौरान शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में स्किल डेवलपमेंट तथा शिक्षा से आत्मनिर्भरता की बात की गई है। हमारे विद्यार्थियों तथा विश्वविद्यालयों को स्वावलंबी बनना चाहिए। भारतीय शिक्षा पश्चिमी देशों की तुलना में सस्ती है और पढ़ाई के लिए विदेशों से विद्यार्थी यहां आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत में विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व के विकास के लिए शिक्षा और शोध क्षेत्र में काम करना होगा तथा भारतीय विश्वविद्यालयों के स्तर को और भी उच्च करना होगा। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अमल में लाने के लिए इच्छा शक्ति रखने की आवश्यकता है। राष्ट्र का निर्माण बलिदान एवं समर्पण से ही होता है। समापन सत्र को बतौर विशिष्ट अतिथि संबोधित करते हुए राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर के कुलपति प्रो. राजीव जैन ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 स्वतंत्रता के 75 सालों में आई एक महत्वपूर्ण एवं अच्छी शिक्षा नीति है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लिए लोगों को जागरूक किया जा चुका है, अब इसके पूरी तरह से क्रियान्वित करने की आवश्यकता है।
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समापन सत्र का संचालन वाणिज्य संकाय के प्रो. मनीष श्रीवास्तव तथा धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक और आईक्यूएसी निदेशक प्रो. अजय सिंह ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, अधिकारी तथा संबद्ध महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों समेत बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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दस हजार विदेशी विद्यार्थियों को आकर्षित करने के लिए तैयार होगा मेगा प्रोजेक्ट: कुलपति
गोरखपुर। समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा नियंत्रित केंद्रीय विश्वविद्यालयों की तुलना में दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय जैसे राज्य विश्वविद्यालयों में काम करने के अवसर ज्यादा हैं। राज्य विश्वविद्यालयों पर अधिक जोर देने की आवश्यकता है क्योंकि राज्य विश्वविद्यालयों के पास बड़ी संख्या में संबद्ध महाविद्यालय और विद्यार्थी हैं। केंद्रीय विश्वविद्यालय की तुलना में राज्य विश्वविद्यालय अधिक विद्यार्थी-केंद्रित हैं। केंद्रीय विश्वविद्यालयों के पास भी संसाधनों की कमी है। कुलपति ने कहा कि जल्द ही मास्टर स्टडी के द्वारा मेगा प्रोजेक्ट लाया जाएगा, जिसमें हम यह अध्ययन करेंगे कि कैसे एक या दो सत्रों में दस हजार विदेशी विद्यार्थियों को आकर्षित किया जाए।
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